Search

Chandil: ईचागढ़ में नहीं बन पाया चुनावी माहौल, त्योहारों में मग्न हैं लोग

Chandil (Dilip Kumar): आसन्न विधानसभा चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, क्षेत्र में वैसे ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है. गली-मोहल्लों में चुनाव प्रचार वाहन दौड़ने लगे हैं. गांव-गांव में चुनाव लड़ने वाले नेता मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए पहुंचने लगे हैं. इसी बीच ईचागढ़ के ग्रामांचलों में अबतक चुनावी माहौल नहीं बन पाया है. लोग पारंपरिक त्योहार मनाने में मग्न हैं. काली पूजा, दीपावली, बांदना, सोहराय, गिरी गोवर्धन पूजा का उल्लास विधानसभा क्षेत्र में चरम पर है. पांच दिनों तक चलने वाले बांदना और सोहराय पर्व के बाद ही लोग चुनाव की ओर अपना ध्यान केंद्रीत करेंगे. वैसे आम मतदाताओं का कहना है कि उन्हें तो बस मतदान के दिन सोच समझकर वोट डालना है.

दिखाए जाएंगे दिवा स्वप्न

ग्रामीण मतदाताओं का कहना है कि मतदान उनके पक्ष में हो इसके लिए उम्मीदवार मतदाताओं को दिवा स्वप्न दिखाएंगे. सभी समस्याओं का निराकरण करने के साथ लोगों को कई प्रकार कर सुविधाएं देने का वादा करेंगे. लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद चुनाव जीतकर विधायक बनने वाले नेता दोबारा कभी उन वादों और सुविधाओं की चर्चा नहीं करेंगे. अबतक ऐसा ही होता आया है. लोगों का कहना है कि ईचागढ़ के ग्रामांचलों में अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. लोग स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सड़क, बिजली, सिंचाई, पेयजल आदि की समस्याओं से अब तक जूझ रहे हैं. रोजगार के अभाव में क्षेत्र के युवा पलायन करने पर मजबूर हैं. शिक्षण संस्थानों के अभाव में गरीब तबके के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो रही है.

मुद्दों की बात नहीं करते प्रत्याशी

पर्व-त्योहार के दौरान जहां लोग उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ अपनी परंपरा मनाने में लीन हैं, वहीं चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करने की बात कर रहे हैं. ईचागढ़ को आदर्श विधानसभा के रूप में स्थापित करने की बात कर रहे हैं. हर प्रकार की सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने की बात कर रहे हैं. वहीं चुनाव जीतने वाले नेता अपने पुराने वादों की चर्चा नहीं कर रहे हैं. चुनाव जीतने के लिए जनता से किए वादों को कितना पूरा किया, जनता को किस प्रकार का लाभ दिया, क्षेत्र के किन समस्याओं का समाधान किया इस पर चर्चा नहीं कर रहे हैं. पुराने घोषणा पत्र का उल्लेख नहीं कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें : उत्तराखंड">https://lagatar.in/uttarakhand-bus-loaded-with-passengers-fell-into-a-ditch-in-almora-36-passengers-died/">उत्तराखंड

:  अल्मोड़ा में यात्रियों से भरी बस खाई में गिरी, 36 यात्रियों की मौत
[wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp