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हेमंत कैबिनेट में मंत्रियों को CM का निर्देश - 2 महीने में दें विभाग की समीक्षा रिपोर्ट, आप्त व निजी सचिवों की नियुक्ति में सावधान रहें

Ranchi : हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा आज हो गया. जिसके बाद कैबिनेट की बैठक हुई. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम ने प्रेस को संबोधित किया. सबसे पहले सीएम ने कहा कि सभी मंत्रियों को उनके विभागों की 2 महीने में समीक्षा करने निर्देश दिया गया है. पदाधिकारी से मंत्री तक तय किया गया है. आने वाले समय में सूबे को बेहतर दिशा कैसे दें,इसमें कुछ 15-16 प्वाइंट बनाये गये हैं. जो आगे की रूपरेखा तय करेंगे. रांची ही नहीं बाकी जिला कार्यालओं तक बैठक होगा और मंत्री समीक्षा करेंगे. जिसमें सभी चीजों को देखा जायेगा. सभी विभागों में प्रमोशन भी होंगे. जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान होगा. कुल मिलाकर बहुत से विषय हैं. मंत्रियों को विभागों को दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया है. हेड क्वार्टर से लेकर जिला कार्यालय तक समीक्षा करने को कहा गया है. साथ ही सीएम ने कहा कि 2 महीने में सभी विभागों की समीक्षा मंत्री करेंगे और पदाधकारियों के कार्यकुशलता का भी ध्यान रखेंगे. फिर सभी चीजों से मुझे भी अवगत कराने कहा गया है.

कैबिनेट में लिए गए निर्णय

प्रस्तावों की सावधानीपूर्वक समीक्षा- मंत्रिपरिषद में प्रस्ताव भेजने से पहले मंत्री खुद उसकी पूरी समीक्षा कर लें और वित्त विभाग, विधि विभाग एवं कार्मिक विभागों से भी परामर्श ले लें. ताकि प्रस्ताव समय पर बैठक में पहुँच सकें. क्षेत्रीय कार्यालयों का दौरा और जनता से संपर्क- सभी मंत्री अपने-अपने विभाग के सभी जिला कार्यालयों का दौरा करें. विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और योजनाओं के लाभार्थियों से प्रत्यक्ष संपर्क कर फीडबैक लेना होगा. योजनाओं की समीक्षा और सुधार- सभी मंत्री विभागीय योजनाओं का गहन अध्ययन करें, योजनाओं की कमियों और खामियों का मूल्यांकन करें और सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएं. लंबित योजनाओं का निष्पादन- सभी मंत्रियों को इस बात की समीक्षा करनी होगी कि योजनाएं लंबित क्यों है और उन्हें पूरा करने के लिए जरुरी कदम उठाने होंगे. योजनाओं में आवश्यक बदलाव- ऐसी योजनाएं, जिनमें बदलाव की आवश्यकता है या क्रियान्वयन में कठिनाइयां आ रही हैं, उनके निराकरण हेतु प्रस्ताव तैयार करें. अछूते क्षेत्रों पर ध्यान-  राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति क्षेत्रों और पहाड़ी क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए नए प्रस्तावों पर विचार करें. राजस्व वृद्धि पर ध्यान- राजस्व प्राप्ति की संभावना वाले विभागों को राजस्व स्रोतों की समीक्षा कर राजस्व वृद्धि के प्रस्ताव तैयार करना होगा.  भवन निर्माण योजनाओं की समीक्षा- भवन निर्माण जैसी बुनियादी ढांचागत योजनाओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि बने हुए भवन का समुचित उपयोग हो और अनावश्यक भवन निर्माण से बचा जाए. 2025-26 की योजनाओं की रूपरेखा- वर्ष 2025-26 के लिए योजनाओं की रूपरेखा तैयार किया जायेगा. कर्मचारियों के प्रोन्नति और पदस्थापना- विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति और पदस्थापना की समीक्षा कर जरुरी कार्यवाही करेंगे.  विवादमुक्त कर्मियों की नियुक्ति- मंत्रियों को यह कहा गया कि आप्त सचिव और निजी सचिव की नियुक्ति करते वक्त उनकी पृष्ठभूमि की जांच जरुर कर लें. पृष्ठभूमि विवादित ना हो. कोर्ट केस की समीक्षा- सरकारी मामलों में हार की संभावना को कम करने के लिए कोर्ट केसों की समीक्षा की जाएगी. जनसंपर्क और समस्या समाधान- सभी मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र के अलावा अन्य जिलों का भी दौरा कर जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे. क्षेत्रीय अधिकारियों की समीक्षा-  क्षेत्रीय अधिकारियों के कामकाज पर फीडबैक लेकर मुख्यमंत्री को समय-समय पर अवगत करायेंगे. जन प्रतिनिधियों से मुलाकात- स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलने के लिए समय निर्धारित करें. मीडिया से संपर्क- सभी मंत्री अपने विभाग की उपलब्धियों के बारे में समय-समय पर प्रेस कांफ्रेंस करके जानकारी देंगे. इसे भी पढ़ें - तीन">https://lagatar.in/twenty-accused-of-murder-of-women-acquitted-mass-murder-was-done-due-to-superstition/">तीन

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