Ranchi: अगर आप झारखंड में रहते हैं, तो यहां वर्ल्ड क्लास सड़कों से गुजरने का मौका मिलेगा. रांची में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को आने वाले दिनों में जाम वाली सड़कों से राहत मिलेगी. बाहर से रांची आने वालों को सड़क मार्ग से अब कम समय में दूरी तय करने का अवसर मिल रहा है. पथ निर्माण विभाग प्रदेश में कई हाईवे और फ्लाई ओवर बना रहा है, जिससे आवागमन में बहुत कम समय लगेगा. यह जानकारी पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने दी. वे गुरुवार को सूचना भवन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. सुनील कुमार ने जानकारी की कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी क्षेत्रों की सड़कों का भी विकास किया जा रहा है. रांची के इनर रिंग रोड के 10 पार्ट में से कुल तीन पार्ट को स्वीकृति दी जा चुकी है. 194 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. वहीं रिंग रोड की कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है और कई कनेक्टिंग रोड की स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2000 किलोमीटर सड़क नेशनल हाईवे के माध्यम से बनाई जा रही है. राज्य सरकार की ओर से कुल 5200 किलोमीटर सड़क निर्माण पूर्ण किया जा चुका है. वहीं 4600 किलोमीटर की सड़क निर्माण जारी है. सचिव ने बताया कि 12503 करोड़ की 11 पथों के निर्माण से संबंधित डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत कुल 323 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा. इसे पढ़ें- बिहार">https://lagatar.in/bihar-relationship-shameful-in-purnia-two-year-old-girl-raped-by-minor-uncle/">बिहार
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चार साल में 525 योजनाओं को मिली स्वीकृति
सचिव ने बताया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और सौंदर्यीकरण पर विशेष योजना के तहत काम कर रही है. पिछले चार सालों में विभाग ने 5207 किलोमीटर लंबाई के पथ परियोजनाओं को पूरा किया. जिसमें 39 पुल पुलियों का निर्माण हुआ. वहीं चार वर्षों में 525 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. जिनकी कुल लंबाई 6589 किलोमीटर है. चार वर्षों में 26 महत्वपूर्ण पथ परियोजनाओं को पूर्ण किया गया. वहीं 13 पुल परियोजनाओं को सफलता पूर्वक पूर्ण किया गया. जिससे प्रदेश में छह लेन से लेकर फोन लेन सड़कों का निर्माण संभव हो पाया. उन्होंने बताया कि 283 योजनाएं वर्तमान में विभाग की ओर से चलाई जा रही हैं. अब तक विभाग की ओर से 398 बड़े पुल-पुलिया का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है.कोरोना में भी काम हुआ, बजट शत प्रतिशत खर्च होगा
पथ निर्माण सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट का 60 प्रतिशत खर्च हो चुका है. 4576 करोड़ का बजट उपबंध है, जिसमें अबतक 2425 करोड़ खर्च हो चुका है. खर्च का शत प्रतिशत लक्ष्य विभाग हासिल करेगा. कोरोना महामारी के दौरान भी पथ निर्माण की बड़ी उपलब्धि रही. विभाग ने कोरोना के समय भी बजट का 95 प्रतिशत खर्च करने में सफलता पाई थी.एनएचआई से 6213 करोड़ की योजनाओं को मिली स्वीकृति
राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग झारखंड के तहत गत चार वर्षों में कुल 6213 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई, जिसकी कुल लंबाई 815 किलोमीटर है. चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 1021 करोड़ की कार्य योजना स्वीकृति के लिए मंत्रालय स्तर पर प्रक्रियाधीन है. दूसरी तरफ प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 40 हजार करोड़ की लागत से 1414 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. इसमें राज्य सरकार के प्रयास से भूृअर्जन, वन भूमि आदि जैसी समस्याओं को दूर किया गया, जिससे 633 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो सका. 781 किलोमीटर पथों का निर्माण कार्य प्रगति में हैं. इसे भी पढ़ें- दिल्ली-एनसीआर,">https://lagatar.in/earthquake-tremors-in-delhi-ncr-punjab-and-jammu-and-kashmir/">दिल्ली-एनसीआर,पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके
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