सीएलडी के आदेश पर हुई लोड शेडिग
सोमवार को राज्य की अधिकतम मांग 1800 मेगावाट थी. जानकारी के मुताबिक सोमवार को पीक आवर में नेशनल ग्रिड की फ्रिक्वेंसी 50 से घटकर 49.4 हर्टस हो गई. ऐसी स्थिति किसी प्रदेश द्वारा तय सीमा से अधिक बिजली लेने के कारण हुई. नेशनल ग्रिड पर संकट देखते हुए लोड डिस्पैच सेंटर (सीएलडी) ने राज्यों को तय कोटे से अधिक बिजली नहीं लेने का निर्देश दिया. स्थिति नियंत्रित करने के लिए तत्काल लोड शेडिंग शुरू की गई.नेशनल ग्रिड की फ्रिक्वेंसी 50 हर्ट्स रहना जरूरी
अधिकारी वस्तुस्थिति का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं. उन राज्यों से जानकारी ली जा रही थी, जिन्होंने ओवर ड्रा कर बिजली संकट पैदा किया. बिजली वितरण निगम के एक अधिकारी के मुताबिक नेशनल ग्रिड की फ्रिक्वेंसी 50 हर्ट्स रहना चाहिए. देश में बिजली का ट्रांसमिशन 50 हर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर होता है. यह बिजली की उपलब्धता और उसके उपयोग का संतुलन है. यदि यह घट जाए या अधिक बढ़ जाए तो ग्रिड के ठप होने का खतरा हो जाता है. फ्रिक्वेंसी को 50 हर्ट्ज पर बनाए रखने के लिए नेशनल ग्रिड से जुड़े राज्यों का कोटा तय है. यदि कोई राज्य तय सीमा से अधिक बिजली ग्रिड से खींचता है तो इससे असंतुलन उत्पन्न होने लगता है. नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर पर इसकी निगरानी की जिम्मेदारी है. शहर में डीवीसी की लगातार लोडशेडिंग को देखते हुए बिजली जीएम हरेंद्र कुमार सिंह बुधवार की शाम 4 बजे डीवीसी के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-the-problem-of-livelihood-in-front-of-laborers-due-to-ban-on-sand-lifting-jmm-held-a-meeting/">धनबाद:बालू उठाव पर रोक से मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी समस्या, झामुमो ने की बैठक [wpse_comments_template]

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