दक्षिण भारत से अमेरिका तक मनाया जाता है पर्व
यह दृश्य अपने आप में अद्भुत और अनूठा होता है. यह पर्व कई रहस्यों को खुद में समेटे हुए है. बहुत कम लोग जानते हैं कि झारखंड का यह मंडा पर्व मैक्सिको की माया सभ्यता से भी जुड़ा हो सकता है. इसकी पुष्टि मेगालिथ एक्सपर्ट व शोधकर्ता हजारीबाग के शुभाशीष दास भी करते हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड ही नहीं, बंगाल, दक्षिण भारत के अलावा अमेरिका में भी अलग-अलग नाम से मंडा पर्व मनाया जाता है. [caption id="attachment_346436" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> शुभाशीष दास[/caption] इसे भी पढ़ें-CJI">https://lagatar.in/cji-shows-mirror-to-political-parties-says-they-understand-that-judiciary-will-support-their-decisions-but-we-are-only-accountable-to-the-constitution/">CJI
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झारखंड में विशु, बंगाल में चड़क पूजा
झारखंड में यह विशु पर्व वहीं बंगाल में यह चड़क पूजा के रूप में भी मनाया जाता है. वहीं अमेरिका में इंका और माया सभ्यता से जुड़े लोग भी इस त्योहार को आस्था के रूप में मनाते हैं. विशु अर्थात विषुभ अपने नाम के अनुरूप महाविषुभ चैत्र संक्रांति के आसपास होता है. महाविषुभ के सूर्योदय को देखने की आदिवासियों की अतिप्राचीन परंपरा रही है. ऐसे में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि आदिवासियों से जुड़ा यह पर्व है. हालांकि झारखंड में कुड़मी जाति के लोग भी मंडा पर्व धूमधाम से मनाते हैं. चूंकि इसे विशु पर्व के नाम भी जाना जाता है, जो विषुआ पर्व अर्थात सत्तुआनी यानी 14 अप्रैल के बाद से मंडा पर्व मनाने की प्राचीन परंपरा रही है. वैसे तो यह मूलतः आदिवासियों, आदिम जनजातियों एवं कुड़मी जनजातियों का पर्व है, पर कालांतर में सदानों के बीच भी यह समान रूप से प्रचलित हुआ है और दोनों समुदाय उसी उत्साह से इस पर्व को मनाते हैं.कब हुई मंडा पर्व की शुरुआत
माया सभ्यता मैक्सिको की महत्वपूर्ण सभ्यता थी. इस सभ्यता का आरंभ 1500 ईसा पूर्व में हुआ. यह सभ्यता 300 ई० से 900 ई० के दौरान अपनी उन्नति के शिखर पर पहुंची. इस सभ्यता के महत्वपूर्ण केन्द्र मैक्सिको, ग्वाटेमाला, होंडुरास एवं अल-सैल्वाडोरर में थे. अगर मंडा पर्व की शुरूआत माया सभ्यता के आसपास मानी जाए, तो यह काल ईसा पर्व के अंत और ईस्वी सन के शुरुआती दौर से हुई. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-the-name-of-vivaan-a-student-of-jawahar-vidya-mandir-has-been-registered-in-the-india-book-of-records/">रांची: जवाहर विद्या मंदिर के छात्र विवान का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज [caption id="attachment_346438" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> डॉ. रजीउद्दीन[/caption]

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