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चिकित्सकों की भारी कमी, जितनी जरूरी, उससे कम संख्या
alt="" width="600" height="400" /> पलामू जिले में 171 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां चिकित्सकों के 171 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 84 कार्यरत हैं .वहीं अगर चिकित्सा पदाधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों की बात करें, तो कुल स्वीकृत 195 पदों के विरुद्ध वर्तमान में मात्र 69 कार्यरत हैं. चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों की कमी के कारण कई स्वास्थ्य केंद्रों मे ताले लटके रहते हैं. ग्रामीण क्षेत्र के लोग बीमार पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र तो पहुंचते हैं, लेकिन केंद्र में ताला लटकता देख या तो वापस लौट जाते हैं या झोलछाप डॉक्टरों से दवा ले लेते हैं. कई दफा झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से मरीज का मर्ज बढ़ता ही जाता है और हालत गंभीर होने पर उनकी जान भी चली जाती है. जिला अस्पताल तक पहुंचने के लिए गांव के मरीजों के पास न तो पैसे होते हैं और न साधन. स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का इस ओर ध्यान दिलाने के बावजूद वे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं और यह कह कर खानपूर्ति कर दते हैं कि सरकार को लिखा गया है. इसे भी पढ़ें:घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-fire-broke-out-in-sand-laden-highway-burnt-to-ashes/">घाटशिला
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सिविल सर्जन बोले- डॉक्टरों की कमी तो है, सीएचओ से काम चलाएंगे
सिविल सर्जन का कहना है कि जिले में डॉक्टरों की कमी तो है. लेकिन ग्रामीण स्तर पर उप स्वास्थ्य केंद्रों में सरकार द्वारा सीएचओ की बहाली की गयी है, जिनकी ट्रेनिंग चल रही है. जल्द ही सभी को स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया जाएगा. अगर प्रखंड में स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद मिलते हैं या फिर किसी केंद्र पर से डॉक्रटर या पारा मेडिकल कर्मी गायब मिलते हैं या केंद्र पर ताला लटका रहता है, तो जिम्मेवारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. इसे भी पढ़ें: नया">https://lagatar.in/new-controversy-tribal-leaders-and-organizations-opposed-shankaracharya-sadanand-saraswatis-statement/">नयाविवाद : शंकराचार्य सदानंद सरस्वती के बयान का आदिवासी नेताओं- संगठनों ने किया विरोध [wpse_comments_template]

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