- झारखंड विश्वविद्यालय अधिनियम 2000 में होगा संशोधन, मॉनसून सत्र में आएगा संशोधन का प्रस्ताव
- उच्च शिक्षा विभाग बना रहा संशोधन का प्रस्ताव, विश्वविद्यालय को यूनिट मानने से नियुक्ति में आरक्षित वर्ग को फायदा
सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, सीट बेल्ट-हेलमेट सुरक्षा का है कवच
समझें रोस्टर है क्या
रोस्टर दरअसल एक तरीका होता है जिसमें तय होता है कि किसी विभाग में निकलने वाली नियुक्ति किस वर्ग (आरक्षित या अनारक्षित) को मिलेगी. अभी तक विभाग को एक यूनिट माना जाता है. यानी इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों के कुल पदों की गणना विश्वविद्यालय या कॉलेज के अनुसार न करके विभाग या विषय के हिसाब से की जाती है. विभागीय नियुक्ति में आरक्षण नियम का पालन नहीं हो पाता था. जैसे-अगर इतिहास विषय में 4 सीट खाली हैं, तो उसमें से पहली के तीन सीट सामान्य वर्ग के लिए होगी. जबकि चौथी सीट ओबीसी या आरक्षित वर्ग के लिए. इससे आरक्षित वर्गों को आरक्षण का फायदा नहीं मिल पाता था. इसे भी पढ़ें-डॉक्यूमेंट्री">https://lagatar.in/tmc-mp-mahua-moitras-entry-in-poster-controversy-of-documentary-film-kali-says-i-have-no-problem-with-it/">डॉक्यूमेंट्रीफिल्म काली के पोस्टर विवाद में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की इंट्री, कहा, मुझे इसे लेकर कोई परेशानी नहीं

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