जयशंकर ने SCO की बैठक में कहा, भारत सीमा पर आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा
क्या है विरोधाभास का कारण
जानकारी के अनुसार हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शिक्षकों की ड्यूटी के लिए कुल 5 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसमें तीन घंटे कक्षाएं लेने, एक घंटा विद्यार्थियों के गाइडेंस और एक घंटा अन्य कार्य के लिए शामिल है. इसी तरह सिद्धू-कान्हू विश्वविद्यालय में यह समय-सीमा छह घंटे निर्धारित की गयी है, जिसमें कक्षा, विद्यार्थियों का गाइडेंस आदि शामिल है. लेकिन कोल्हान विश्वविद्यालय में यह समय-सीमा सात घंटे निर्धारित की गयी है. ऐसा क्या कारण है कि इन तीन विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की ड्यूटी के लिए तीन अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गयी है. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-statue-of-bajrang-bali-was-found-under-the-tree-in-rehla-police-station-area/">पलामू: रेहला थाना क्षेत्र में पेड़ के नीचे बजरंग बली की मूर्ति मिली, पुलिस ले गयी थाना एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यूजीसी की गाइडलाइन सभी के लिए एक समान है. लेकिन उस गाइडलाइन को सभी अपने-अपने तरीके से समझ रहे हैं. नयी शिक्षा नीति-2020 के मद्देनजर यह गाइडलाइन आयी है, जिसकी व्याख्या अलग-अलग तरीके से करके समय-सीमा निर्धारित की गयी है. हालांकि इसे समझबूझ कर समान समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए. [wpse_comments_template]

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