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लोहरदगा: प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के लिए पहल नहीं

 
Hussain Ansari  Lohardaga: जिले के पठारी इलाके भले ही प्राकृतिक जल स्रोतों व संसाधनों से परिपूर्ण हो, लेकिन कभी भी इनके संरक्षण की इमानदार पहल नहीं हुई है. शासन-प्रशासन और नेता मंचों से प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के दावे जरूर करते हैं, लेकिन दावों की हकीकत सिफर ही रही है. जिले के कई इलाके भले ही जल संकट से जूझ रहे हों, लेकिन ऊपर वाले की मेहरबानी है कि आज भी जिले में अनेक ऐसे प्राकृतिक जल स्रोत हैं, जो न सिर्फ भीषण गर्मी में लोगों की प्यास बुझाते हैं, बल्कि प्रकृति की मनोहर छटा भी बिखेरते हैं. यहां के अद्भुत प्राकृतिक छटाओं के साथ-साथ नयनाभिराम दृश्य भी देखने लायक है. लेकिन सरंक्षण के आभाव और सिस्टम की बेरुखी से इनके आस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा है. ऐसे ही जंगल और पहाड़ों से घिरे इलाकों में सुमार कुडू और कैरो प्रखंड के सिमाने पर स्थित मकरा और हुददू गांव है. यह इलाक़ा खूबसूरती की भी मिशाल है. यहां दो पहाड़ों और जंगलों से रिसकर सैंकड़ो फीट ऊंचाई से झरना गिरता है. लेकिन रोक नहीं होने के कारण फर्राटे की गति से निकलता पानी पहाड़ी और मैदान के बीच अपनी जगह बनाते हुए अंत में कोयल नदी में समा जाता है और इसका उपयोग नहीं हो पाता. परंतु आज तक इसे संरक्षित करने का कभी इमानदार प्रयास नहीं किया गया. वहीं दूसरी ओर पानी इस तरह बर्बाद भी हो रहे हैं. गांव के किसानो का कहना है कि इस झरने के बहते पानी को सहेज कर इस जगह पर चेक डैम के बन जाने से जहां बहता हुआ पानी बर्बाद होने से बचेगा, आसपास के तान, हुद्दु, मकरा आदि गांव की असिचित उपजाऊ भूमि की सिचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा. वहीं क्षेत्र का जलस्तर में भी इजाफा होगा. यहां भरे पानी में गर्मी में जानवरों को पीने का पानी भी मिल जायेगा.

सरकार की पहल सार्थक हुई तो बदलेगी तस्वीर

हालांकि वर्ष 2020 में मौजूदा झारखंड सरकार ने बारिश के पानी को बचाने तथा जल संरक्षण के लिए कवायद तेज करते हुए इसके तहत छोटी नदियों, झरनों, नालों तथा ढालू जमीनों पर चेकडैम जैसी संरचना बनाने की योजना बनाई थी. जिससे बारिश के पानी को संरक्षित किया जा सके और भूजल स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिल सके. सरकार ने राज्य में वन क्षेत्रों में 390 नए चेक डैम बनाने की तैयारी की थी. वन विभाग के इस प्रस्ताव को तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है. मालूम हो कि कैंपा योजना के तहत प्रस्तावित इस योजना को मंजूरी के लिए भारत सरकार को भी भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/effect-of-monsoon-seen-in-jharkhand-rain-occurred-in-many-cities-of-state-people-got-relief-from-the-heat/">झारखंड

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