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रांची: नामकुम के गड़के गांव में ग्रामीण सर्दी व खांसी से पीड़ित, नहीं करा रहे कोरोना टेस्ट

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Ranchi: देश में कोरोना विकराल रूप लेता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के नये मरीजों का आंकड़ा डेढ़ लाख पार कर गया है. जो बड़ी चिंता का विषय है. इसी तरह से झारखंड में भी कोरोना संक्रमण की दर छह फीसदी है. पिछले 24 घंटे में 5081 मरीज मिले, जिनमें से सिर्फ रांची में ही 1731 संक्रमित मिले हैं. जिससे राजधानी रांची में तो हालात और भी खराब हैं. शहरी इलाकों में तो कोरोना की टेस्ट आसानी से हो रही है. लेकिन गांव में क्या हालात हैं. इसे जानने के लिए लगातार">https://lagatar.in/">लगातार

टीम राजधानी से सटे गांवों के दौरे पर निकली. राजधानी रांची से सटे नामकुम प्रखंड के सिदरोल पंचायत स्थित गड़के गांव लगातार">https://lagatar.in/">लगातार

टीम पहुंची. वहां के ज्यादातर ग्रामीण सर्दी खांसी और बुखार से पीड़ित हैं. लेकिन कोरोना टेस्ट नहीं करा रहे हैं. इस गांव की आबादी करीब 800 है. यहां के ग्रामीण सोमरा लोहरा और सुरेंद्र भगत से बात करने पर उन्होंने बताया कि यहां कोरोना के लक्षण वाले कई लोग हैं. जिन्हें सर्दी, खांसी और बुखार भी है. लेकिन लोग या तो घरेलू इलाज कर रहे हैं या कुछ लोग खुद से ही दवा खरीदकर खा रहे हैं. साथ ही बताया कि कहने पर भी लोग कोरोना टेस्ट नहीं करवा रहे हैं. सोमरा लोहरा ने बताया कि गांव में कोरोना टेस्ट करवाने की कोई सुविधा नहीं है. ना तो कोई टीम ही यहां कैंप कर रही है, जिससे लोग अपना टेस्ट करवा सकें. टेस्ट सेंटर पर जाने की परेशानी से भी लोग कोरोना टेस्ट करवाने से भाग रहे हैं. यही कारण है कि लोग खुद से दवा खरीदकर खा रहे हैं और कुछ लोग अब तक ठीक भी हो चुके हैं. [caption id="attachment_217979" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/01/gadke-villagers.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> गांव के बारे में जानकारी देने वाले ग्रामीण[/caption] इसे भी पढ़ें - RANCHI">https://lagatar.in/breaking-16-employees-of-cm-residence-corona-positive-driver-gardener-canteen-staff-included/">RANCHI

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ज्यादातर लोग रांची के आसपास करते हैं काम

गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लोग काम करने के लिए रांची शहर जाते हैं. यहां अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं. जानकारी के अनुसार, पिछले लॉकडाउन के दौरान जो लोग कमाने के लिए बाहर गए थे. उसमें से कुछ लोग तो वापस अपने काम पर लौट गये, लेकिन कुछ लोग वापस नहीं गए. ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की ओर कोरोना को लेकर चलायी जा रही कोई भी सुविधा गांव तक नहीं पहुंची है. इसे भी पढ़ें –नियुक्ति">https://lagatar.in/hemant-sarkar-distributed-4851-appointment-letters-in-appointment-year-out-which-553-were-given-in-program-organized-for-two-years/">नियुक्ति

वर्ष में हेमंत सरकार ने बांटे 4851 नियुक्ति पत्र, जिनमें 553 दिये दो वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में
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