मिल गया फेम सिंगर तरसेम सिंह सैनी का लंदन में निधन, 2 साल से थे कोमा में
नेताओं और बड़े नौकरशाहों ने कोर्ट को गुमराह किया
राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शीर्ष पर बैठे नेताओं और बड़े नौकरशाहों ने कोर्ट को गुमराह किया है कि मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स की जांच निगरानी कर रही है. कोर्ट ने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा है कि नेशनल गेम ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के सदस्यों में नौकरशाह भी शामिल थे. जो आज बहुत बड़े पद पर हैं. निष्कर्ष यह है कि ऐसी स्थिति में झारखंड निगरानी मामले की सही तरीके से जांच नहीं कर सकती है. इसलिए इसे सीबीआई को दिया जाये.कोर्ट ने एसीबी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा कर दिया. लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. जब एसीबी ने सरकार, जनता और अदालत को गुमराह करने का आरोप लगा हो. इसे भी पढ़ें - छल,">https://lagatar.in/jharkhand-news-the-builder-took-possession-by-showing-deceit-force-and-duryodhana-horse-got-a-police-officer-to-visit-mandar-mani-beach/">छल,बल और दुर्योधन घोड़ा दिखाकर बिल्डर ने लिया कब्जा, एक पुलिस अधिकारी को करवायी मन्दार मनी बीच की सैर
राज्य की वरीय आईएएस पूजा सिंघल खूंटी की डीसी थीं
वर्ष 2009-10 में खूंटी में मनरेगा सहित अन्य विकास योजनाओं में करीब 18 करोड़ 16 लाख की राशि का घोटाला सामने आया. जिसमें मुख्य साजिश कर्ता के रूप में जूनियर इंजिनियर राम विनोद सिन्हा का नाम सामने आया. उनके खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज हुए. उस वर्ष (फरवरी 2009 से जुलाई 2010) वर्तमान में राज्य की वरीय आईएएस पूजा सिंघल खूंटी की डीसी थीं. प्रोग्राम कोर्डिनेटर होने के नाते मनरेगा योजनाओं पर उनका सीधा नियंत्रण था. अरुण कुमार दुबे ने झारखंड हाईकोर्ट में उनकी संलिप्पता की जांच की मांग करते हुए एक जनहित याचिका भी दाखिल की है. कोर्ट ने एसीबी और ED (परवर्तन निदेशालय) दोनों को ही जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें - CM">https://lagatar.in/in-the-conference-of-cm-and-judges-modi-said-justice-should-be-related-to-the-people-it-should-be-done-in-the-language-of-the-common-man/">CMऔर जजों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, न्याय जनता से जुड़ा होना चाहिए, आमजन की भाषा में होना चाहिए…
एसीबी खूंटी के किसी भी मनरेगा मामले की जांच नहीं कर रही
ED ने अपने जवाब में कहा है कि पूजा सिंघल के संदिग्ध संलिप्तता की जांच एजेंसी कर रही है. लेकिन एसीबी ने अपने हलफनामे में स्पष्ट कहा कि पूजा सिंघल के जांच का प्रश्न ही नहीं उठता. क्योंकि एसीबी खूंटी के किसी भी मनरेगा मामले की जांच नहीं कर रही है. ACB ने यह भी कहा कि वह सिर्फ दो मामलो की जांच कर रही है जो मनरेगा से नहीं जुड़े हुए हैं. लेकिन दस्तावेज कुछ और ही कहते हैं. तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा एवं उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने खूंटी से जुड़े सारे मामलों की जांच एसीबी से करवाने का निर्देश दिया था. जिस बात की पुष्टि तत्कालीन ग्रामीण विकास विभाग के सचिव राधे श्याम पोद्दार के एक विभागीय पत्र से होती है. जो उन्होंने वर्ष 2011 में कार्मिक विभाग को लिखा था. इस खबर को अंग्रेजी में भी पढ़ें">https://lagatar24.com/why-is-jharkhand-acb-under-scanner-in-probing-national-games-khunti-mnrega-scams/94497/">Why is Jharkhand ACB under scanner in probing National Games, Khunti MNREGA scams? इसे भी पढ़ें - संजय">https://lagatar.in/sanjay-raut-praised-cm-yogi-said-he-does-politics-of-hindus-respects-him/">संजय
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