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CID का खुलासाः झारखंड में 8000 बैंक खातों के जरिये हो रही साइबर ठगी

 
- 2000 से अधिक बैंक खाते देवघर जिले में - 20 प्रतिशत बैंक खाते एसबीआई में - सीआईडी ने बैंकर्स को दी डिटेल Ranchi: झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ कार्रवाई में नयी सफलता हासिल की है. सीआइडी ने राज्य के बैंकों में खुले करीब 8000 बैंक खाते का डाटा तैयार कर लिया है.जिसमें साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर किये गये. इस डाटा के हासिल होने के बाद सीआईडी ने खाताधारकों की पहचान शुरु कर दी है. साथ ही 12 जनवरी को बैंकों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डाटा उपलब्ध करा दी है. ताकि खाताधारकों की पहचान में तेजी लायी जा सके. सीआइडी के पास जो डाटा है, उसके मुताबिक 8000 में से 2000 बैंक एकाउंट्स सिर्फ देवघर जिला में है. 20 प्रतिशत बैंक अकाउंट्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न शाखाओं में है.

आठ हजार खातों की जानकारी ने चौंकाया

फ्रॉड कर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने की बात तो पुरानी है, लेकिन सिर्फ झारखंड में ऐसे 8000 बैंक खातों का होना चौंकाने वाला है. उसमें भी करीब 25 प्रतिशत सिर्फ एक जिले में देवघर में होना, इस बात के सबूत हैं कि भले ही जामताड़ा जिला साइबर फ्रॉड के लिए कुख्यात हो, लेकिन आज की तारीख में देवघर जिला उससे आगे निकल गया है. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या राज्य में साइबर फ्रॉड करने वालों की संख्या 8000 से अधिक है. या बात कुछ और है. अभी दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक गैंग का पर्दाफाश किया है. गिरोह से जुड़े लोगों ने पुलिस को जानकारी दी है कि साइबर फ्रॉड के जरिये ठगे गए पैसों को बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए लोगों से किराये पर एकाउंट्स लेते थे. बदले में एकाउंट्स होल्डर को 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था.

लगातार मिल रही है सफलता 

साइबर अपराधियों के खिलाफ सीआईडी की टीम को लगातार सफलता मिल रही है. इसका श्रेय सीआइडी के डीजी अनुराग गुप्ता को जाता है. प्रतिबिंब पोर्टल के जरिए पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है.अब तक 90 केस दर्ज किये हैं साथ ही 468 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके 1635 सिमकार्ड जब्त किये गये और 1107 मोबाइल फोन जब्त किया जा चुका है. [wpse_comments_template]
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