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जीएसटी काउंसिल की बैठक : EV समेत पुराने वाहनों पर GST 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी करने पर मुहर

काउंसिल ने बीमा से संबंधित मामलों पर निर्णय को आगे की जांच के लिए टाल दिया.  इस विषय पर मंत्रियों के समूह की बैठक में आम सहमति नहीं बनी NewDelhi : राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 55वीं बैठक आज शनिवार को हुई.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता बैठक हुई. बैठक में कई राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हुए. खबर है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स समेत पुराने वाहनों की बिक्री पर टैक्स में इजाफा किये जाने पर मुहर लग गयी. इसे 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी करने पर सहमति बनने की खबर है. बता दें कि देश में पुराने वाहनों का मार्केट काफी जोर पकड़ रहा है. कई कंपनियां पुराने वाहनों को कम दाम पर बेच रही है. यह देखते हुए जीएसटी काउंसिल ने व्हीकल्स (पुराने) की बिक्री पर लगने वाला टैक्स बढ़ा दिया है

इंडिविजुल खरीदारों और विक्रेताओं पर कोई असर नहीं  

बिजनेस टुडे में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार नयी GST दर कंपनियों या फिर डीलर्स द्वारा बेची गयी पुरानी कारों से जुड़े लेन-देन पर लागू होंगी. GST काउंसिल द्वारा संशोधित रेट्स मार्जिन के साथ बेचे जाने वाले और इससे सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों द्वारा खरीदे जाने वाले वाहनों पर लागू होंगे यानि यह बात साफ हौ कि पुराने वाहन बेचने या खरीदने वाले व्यक्तियों पर 12 फीसदी की दर से ही टैक्स लागू रहेगा. यानी इंडिविजुल खरीदारों और विक्रेताओं पर कोई असर नहीं होगा.

1500 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले  एसयूवी के लिए 18 फीसदी टैक्स  

मौजूदा रेट्स के तहत 1200 CC या उससे अधिक की इंजन क्षमता और 4000MM या उससे अधिक की लंबाई वाले पेट्रोल, LPG या CNG से चलने वाले वाहनों के लिए 18फीसदी, 1500 सीसी या उससे अधिक की इंजन क्षमता और 4000 मिमी या उससे अधिक की लंबाई वाले डीजल वाहनों के लिए 18 फीसदी और 1500 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) के लिए 18 फीसदी टैक्स लगता है.

फिटमेंट कमेटी ने यूज्ड वाहनों पर  GST दर  18 फीसदी करने की सिफारिश की थी

ऐसे में जीएसटी काउंसिल द्वारा इस कैटेगरी के ओल्ड और यूज्ड वाहनों के लिए GST Rates को बढ़ाकर 18 फीसदी करने का फैसला बड़े वाहनों और एसयूवी के लिए मौजूदा कर ढांचे के अनुरूप है. बदलाव के असार अब पुराने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) सहित अन्य 12 फीसदी, टैक्स वाले वाहन कंपनियों या फिर डीलर्स द्वारा दोबारा बेचे जाने पर 18 फीसदी के ब्रैकेट मे शामिल होंगे. पिछले दिनों जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने ओल्ड और यूज्ड वाहनों पर माल और सेवा कर (GST) दर को 12फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी करने की सिफारिश की थी. अब तक इन वाहनों पर सप्लायर के मार्जिन के आधार पर जीएसटी लागू किया जा रहा था, जिससे टैक्स कम लगता था

पुरानी EV की सेल पर पड़ सकता है असर

नये ईवी व्हीकल पर वर्तमान में पांच फीसदी जीएसटी लगता है, जिससे इस सेक्टर में ग्रोथ लायी जा सके. अब जब पुरानी इलेक्ट्रिक कारों की रि-सेल पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर सहमति बनी है, तो इस कारण सेकेंड-हैंड ईवी ग्राहकों के बीच इसका आकर्षण कम होने की संभावना है. इस कारण डिमांड में कमी आ सकती है. जान लें कि सेकेंड हैंड वाहनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले इनपुट पार्ट्स और सर्विसेज पर पहले से ही 18 फीसदी की जीएसटी दर लागू है.

  फोर्टिफाइड राइस पर जीएसटी स्ट्रक्चर सरल बनाने की सिफारिश  

इसके अलावा GST काउंसिल ने  फोर्टिफाइड राइस पर जीएसटी स्ट्रक्चर को सरल बनाने की सिफारिश की है.  इसे घटाकर 5 परसेंट कर दिये जाने की सूचना है. पहले यह अंतिम उपयोग के आधार पर तय होता था.  रेडी-टू-ईट पॉपकॉर्न पर लगने वाले टैक्स के संबंध में खबर है कि  नमक और मसालों के साथ मिश्रित पॉपकॉर्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. बशर्ते प्री-पैकेज्ड और लेबल के अलावा किसी अन्य रूप में आपूर्ति की जाये. यदि प्री-पैकेज्ड पैक और लेबल के साथ आपूर्ति की जाये,  तो इस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. चीनी के साथ मिश्रित पॉपकॉर्न (जैसे कारमेल पॉपकॉर्न) पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.  एक खबर और है कि जीएसटी काउंसिल ने बीमा से संबंधित मामलों पर निर्णय को आगे की जांच के लिए टाल दिया.  इस विषय पर मंत्रियों के समूह की बैठक में आम सहमति नहीं बन पायी.  

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