Ranchi : गोस्सनर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय">https://lagatar.in/drinking-water-department-honored-the-water-companions-contributed-commendably/35231/">
महिला दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. रश्मि की प्रार्थना और दीप प्रज्वलन से की गई. इस दौरान डॉ. अनिमा हांसदा ने महिला सेल की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गयी. एसओडी प्रो. आशा रानी केरकेट्टा ने हिंदी साहित्य में महिलाओं के योगदान के बारे में बताया. इसे भी पढ़ें : कोडरमा:">https://lagatar.in/koderma-international-womens-day-organized-joint-program-of-various-organizations-shared-views/35142/">कोडरमा:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न संगठनों का संयुक्त कार्यक्रम, साझा किए विचार
भी किया गया. कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. बिंदु सोरेंग ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सीमा टेटे द्वारा किया गया. मौके पर कॉलेज के सभी विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : महिला">https://lagatar.in/webinar-on-womens-property-rights-on-womens-day-program-held-at-nul/35218/">महिला
दिवस पर NUL में महिलाओं की संपत्ति के अधिकार पर वेबिनार, पुस्तक का भी विमोचन
महिला दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. रश्मि की प्रार्थना और दीप प्रज्वलन से की गई. इस दौरान डॉ. अनिमा हांसदा ने महिला सेल की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गयी. एसओडी प्रो. आशा रानी केरकेट्टा ने हिंदी साहित्य में महिलाओं के योगदान के बारे में बताया. इसे भी पढ़ें : कोडरमा:">https://lagatar.in/koderma-international-womens-day-organized-joint-program-of-various-organizations-shared-views/35142/">कोडरमा:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न संगठनों का संयुक्त कार्यक्रम, साझा किए विचार
डॉ आशा ने कहा, पूरा विश्व महिलाओं के कारण उन्नति कर रहा
मुख्य अतिथि डॉ आशा लता लिंडा ने सभी को संबोधित करते हुए यह कहा कि यह पूरा विश्व महिलाओं के कारण ही उन्नति कर रहा है, इसीलिए हमें उन्हें हर कदम सराहना चाहिए. हर पल सम्मान देना चाहिए. वहीं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रॉयल डांग ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन उन सभी महिलाओं से प्रेरणा लेने का दिन है, जो अपने घर के साथ साथ दुनियादारी को भी संभाल रही हैं, चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो, शिक्षा का क्षेत्र हो या कोई और क्षेत्र.गैर शिक्षण महिला कर्मचारी भी सम्मानित
प्रो. सुषमा केरकेट्टा ने फेमिनिज्म के बारे में बताते हुए कहा कि फेमिनिज्म का कतई मतलब नहीं कि पुरुषों को गलत समझा जाए बल्कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है. साहित्य में आदिवासी महिलाओं का योगदान के बारे में डॉ. ईवा हांसदा ने प्रकाश डाला. कार्यक्रम में जनसंचार विभाग द्वारा वीडियो डिस्प्ले किया गया. कॉलेज की तीन शिक्षिकाओं को डॉक्टर अनीमा हांसदा, डॉ ज्योति टोप्पो और प्रो. इलानी पूर्ति को सम्मानित किया. कार्यक्रम में गैर शिक्षण कर्मचारियों का सम्मान">https://lagatar.in/why-chief-minister-ashirwad-yojana-was-closed-agriculture-minister-gave-the-reason/35251/">सम्मानभी किया गया. कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. बिंदु सोरेंग ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सीमा टेटे द्वारा किया गया. मौके पर कॉलेज के सभी विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : महिला">https://lagatar.in/webinar-on-womens-property-rights-on-womens-day-program-held-at-nul/35218/">महिला
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