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संसद के विशेष सत्र में नयी ड्रेस में नजर आयेंगे अधिकारी से लेकर मार्शल तक, विपक्ष भड़का, जानिए क्यों!

 
New Delhi : संसद के विशेष सत्र का शुभारंभ 18 सितंबर से होने वाला है. गणेश चतुर्थी (19 सितंबर) के दिन नये भवन में संसद का कामकाज विधिवत शुरू होगा. लेकिन नयी संसद की खास बात यह होगी कि यहां संसद भवन के कर्मचारी नये लिबास नजर आयेंगे. पांच दिवसीय विशेष सत्र में चैंबर अटेंडेंट, अधिकारी, सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर, मार्शल आदि नयी वर्दी में दिखेंगे. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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वर्दी में कमल के फूल का होना विपक्ष को नागवार गुजरा 

है कि संसद के कर्मचारी अपने-अपने विभागों के अनुसार तय ड्रेस पहनेंगे. पजामा-कुर्ता के साथ-साथ साड़ी जैसे भारतीय परिधान में महिला-पुरुष नजर आयेंगे. लेकिन यह बदलाव विपक्ष को रास नहीं आया है. वर्दी में कमल के फूल को होना विपक्ष को नागवार गुजरा है. जान लें कि संसद का विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक चलेगा. इसकी शुरुआत तो पुराने संसद भवन से होगी पर समापन नये संसद भवन से होगा.

गणेश चतुर्थी के दिन  पूजा-अर्चना  के बाद नये भवन में सत्र शुरू होगा

19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना किये जाने  के बाद नये भवन में सत्र शुरू होगा.कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने संसद के कर्मचारियों की नयी ड्रेस पर कमल के फूल छपे होने से संबंधित खबरों को लेकर भाजपा पर आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ भाजपा संसद को एकपक्षीय मंच बना रही है. टैगोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि राष्ट्रीय पशु और राष्ट्रीय पक्षी बाघ और मोर के बजाय सिर्फ कमल ही क्यों चुना गया है. क्या यह भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं हैं. ओम बिरला जी, यह गिरावट क्यों.

मार्शल मणिपुरी पगड़ी पहनेंगे

सूत्रों के अनुसार, संसद के कर्मचारियों की नयी ड्रेस की डिजाइन एनआईएफटी द्वारा की गयी है. इसमें बंद गला सूट के बजाय मेजेंटा या गहरे गुलाबी रंग की नेहरू जैकेट होगी. हल्के गुलाबी रंग की शर्ट पर कमल का फूल होगा. खाकी रंग की पैंट भी ड्रेस मे शामिल है. मार्शल मणिपुरी पगड़ी पहनेंगे. वाच एंड वार्ड सफारी सूट की जगह सैनिकों की तरह कैमोफ्लेज ड्रेस पहनेंगे. ड्राइवरों की ड्रेस भी अलग होगी. [wpse_comments_template]
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