के एक ही थाना में लंबे समय से जमे 185 दरोगा का एसएसपी ने किया ट्रांसफर
सैटेलाइट से ली गई तस्वीर में आवासीय यूज के प्लाट बन गये वाटर बॉडी
मास्टर प्लॉन 2037 के नक्शे के लिए सैटेलाइट से तस्वीर ली गई थी. जब तस्वीर ली गई थी उस वक्त बारिश का मौसम था. इस वजह से कई जगहों पर पानी जमा था और अस्थाई पौधे उग आये थे. इसी तस्वीर के आधार पर मास्टर प्लान का नक्शा तैयार हो गया. इससे दिक्कत यह हुई कि जो जमीन कृषि, कमर्शियल या आवासीय यूज थी वो वाटर बॉडी या ग्रीनलैंड में शामिल कर दिया गया. 200 से ज्यादा प्लॉट पर इस तरह की गड़बड़ी हुई है. सर्कुलर रोड, चुटिया, अरगोड़ा से कटहल मोड के बीच, मोरहाबादी और चिरौंदी में यह समस्या सबसे ज्यादा आयी है. इसके कारण जमीन मालिकों का नक्शा पास नहीं हो पा रहा है. इन्हीं सब दिक्कतों को दूर करने के लिए नगर निगम ने लोगों से 16 जनवरी 2023 तक आपत्ति मांगी थी. इसे भी पढ़ें - हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-ordered-cancellation-of-account-140-hehal-co-om-prakash-mandal-sat-down-to-suppress-the-matter/">हाईकोर्टने खाता 140 की जमाबंदी रद्द करने का दिया आदेश, हेहल CO ओम प्रकाश मंडल मामला दबाकर बैठ गये!
कई संगठन कर रहे हैं विरोध
उधर मास्टर प्लान को लेकर कई संगठनों का विरोध जारी है. उनका कहना है कि रांची अधिसूचित क्षेत्र है. यहां सीएनटी और पेसा कानून लागू है. मास्टर प्लान में इसकी अनदेखी की गई है. मास्टर प्लान में जनजातियों की जीविका, आजीविका की रक्षा का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं है. जमीन और खेत की सुरक्षा की गारंटी भी नहीं दी गई है. इसे भी पढ़ें - यह">https://lagatar.in/this-is-britain-rishi-sunak-was-fined-by-the-police-for-not-wearing-a-seatbelt/">यहब्रिटेन है… सीट बेल्ट नहीं लगाया, तो पुलिस ने पीएम ऋषि सुनक पर लगाया जुर्माना… [wpse_comments_template]

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