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विद्युत केंद्र इकाई 7 और 8 लगातार 230 और 127 दिनों तक चली
अजय कुमार दत्ता ने कहा कि चंद्रपुरा ताप विद्युत केंद्र की इकाई 7 एक अप्रैल 2021 से 16 नवंबर 2021 तक यानी 230 दिनों तक लगातार चलती रही. जबकि इकाई 8 दस अप्रैल 2021 से 15 अगस्त 2001 तक यानी 127 दिनों तक लगातार चलती रही. श्री दत्ता के अनुसार 23 मार्च 2022 से टाटा स्टील के झरिया डिविजन की माइंस में लगातार नयी तकनीकी द्वारा राख भरी जा रही है. इसे भी पढ़ें : राष्ट्रवाद">https://lagatar.in/bjp-playing-abominable-game-with-the-country-under-the-guise-of-nationalism-is-in-alliance-with-terrorists-alka-lamba/">राष्ट्रवादकी आड़ में देश के साथ घिनौना-खेल खेल रही भाजपा, आतंकवादियों के साथ है नाता : अलका लांबा
2 साल से डीवीसी में 100 फीसदी छाई का हो रहा उपयोग
विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता ने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज की गाइड लाइन के अनुसार पिछले 2 साल से डीवीसी चंद्रपुरा 100 प्रतिशत छाई का उपयोग कर रहा है. साथ ही अपने CSR के तहत शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि पावर प्लांट में चुनौतियां तो कई हैं, लेकिन वर्करों की लगातार मेहनत और अच्छे प्रयासों से बिजली उत्पादन के लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है. इस क्रम में अजय कुमार दत्ता ने कहा, DVC को हाइडल से थर्मल में आना पड़ा क्योंकि यह समय की मांग थी. इसे भी पढ़ें : Sri">https://lagatar.in/big-news-from-sri-lanka-rashtrapati-bhavan-occupied-by-protesters-president-gotabaya-rajapaksa-fled-violent-clashes-more-than-100-protesters-injured/">SriLanka से बड़ी खबर, राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे भागे, हिंसक झड़प, 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल
दो यूनिटों से 500 मेगावाट बिजली का होता है उत्पादन
बताते चलें कि चंद्रपुरा पावर प्लांट एक थर्मल पावर प्लांट है. जहां बोकारो के सीसीएल और धनबाद के बीसीसीएल से कोयले की आपूर्ति की जाती है. साथ ही विदेशी हार्ड कोक की मदद से बिजली का उत्पादन किया जाता है. चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट में दो यूनिटों से 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है. जिससे सेल सहित कई कंपनियों और आम जनता को बिजली मुहैया कराई जाती है. चंद्रपुरा पावर प्लांट नयी टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ने की कवायद में लगा हुआ है, ताकि बिजली के उत्पादन को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके. इसे भी पढ़ें : करोड़ों">https://lagatar.in/land-record-made-online-after-spending-crores-now-department-is-saying-that-offline-khatian-is-necessary-for-registry/">करोड़ोंखर्च कर ऑनलाइन हुआ लैंड रिकॉर्ड, अब विभाग कह रहा रजिस्ट्री के लिए ऑफलाइन खतियान जरूरी [wpse_comments_template]

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