New Delhi : सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक विवाहों को कानूनी मंजूरी देने की मांग करने वाली याचिकाओं में उठाये गये प्रश्नों को संसद के लिए छोड़ने पर विचार करे. केंद्र सरकार ने आज बुधवार को उच्चतम न्यायालय से यह अनुरोध किया. केंद्र की ओर से न्यायालय में पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि उच्चतम न्यायालय एक बहुत ही जटिल मुद्दे से निपट रहा है, जो एक गहरा सामाजिक प्रभाव रखता है. श्री मेहता ने कहा, मूल प्रश्न यह है कि इस बारे में फैसला कौन करेगा कि विवाह क्रूा है और यह किनके बीच है. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">
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Solicitor General Tushar Mehta, appearing for Centre, urges SC to leave the issue to parliament.
SG Mehta says the court is dealing with a very complex subject having a profound social impact. He raises the question that who will take a call on what constitutes marriage and… — ANI (@ANI) April">https://twitter.com/ANI/status/1651144684113379328?ref_src=twsrc%5Etfw">April
26, 2023
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