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पाक-तुर्की के बाद अब चीन की हिली धरती, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

 
यूजर्स बोले– प्रकृति भी दिखा रही है ताकत NewDelhi :  भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और तुर्की में हाल ही के दिनों में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं. वहीं आज सुबह-सुबह चीन की धरती डोली है. दिलचस्प बात यह है कि ये झटके ऐसे समय में आये हैं, जब भारत के साथ सैन्य तनाव और कूटनीतिक टकराव को लेकर इन तीनों देशों का नाम प्रमुखता से चर्चा में रहा है. इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां कई यूजर्स इसे ‘प्रकृति की चेतावनी’ बता रहे हैं. चीन में भूकंप के लगातार दो झटके चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आज सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया. इससे पहले 12 मई को तिब्बत क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. रिक्टर स्केल पर जिसकी तीव्रता 5.6 मापी गयी थी. भूकंप का केंद्र ज़मीन से केवल 9 किलोमीटर की गहराई पर थाविशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई वाले भूकंप अधिक प्रभावी और नुकसानदायक हो सकते हैं. https://twitter.com/ANI/status/1923199025999720805

युद्ध विराम के बाद दो दिन तक पाक की धरती कांपी  गौरतलब है कि 10 मई को भारत-पाक युद्ध विराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 10 मई की सुबह यहां दो भूकंप (4.7 और 4.0 तीव्रता) और फिर 12 मई को 4.6 तीव्रता का भूकंप आया. इसे भी पढ़ें : सरेंडर">https://lagatar.in/kundan-pahan-has-not-been-convicted-in-any-case-since-his-surrender/">सरेंडर

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तुर्की में दो हफ्ते में दूसरी बार भूकंप के झटके 15 मई को तुर्की के कोन्या प्रांत में 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका असर राजधानी अंकारा तक देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल में भी इस्तांबुल समेत तुर्की के विभिन्न हिस्सों में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे बुनियादी ढांचे को थोड़ा नुकसान पहुंचा था. साथ ही कई लोग घायल हुए थे. बता दें कि तुर्की भूकंपीय दृष्टिकोण से संवेदनशील फॉल्ट लाइनों पर स्थित है और यहां हर साल कम से कम एक बार 5.0 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है. इसे भी पढ़ें : हीट">https://lagatar.in/you-will-get-relief-from-heat-stroke-include-these-drinks-in-your-diet/">हीट

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क्या है भूगोल का विज्ञान और सोशल मीडिया का संदेश? भूवैज्ञानिकों का मानना है कि इन सभी क्षेत्रों की टेक्टोनिक प्लेटें सक्रिय हैं. इसलिए यहां भूकंप के झटके महसूस करना आम बात है. हालांकि, भारत में इन घटनाओं को राजनीतिक और भावनात्मक नजरिए से भी देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इन भूकंपों को लेकर मीम्स और प्रतिक्रियाएं शेयर की हैं, जिनमें ये झटके भारत से टकराव का ‘प्राकृतिक जवाब’ बताये जा रहे हैं. https://twitter.com/MrSinha_/status/1923227978218996138

https://twitter.com/desisigma/status/1923257801180078381

https://twitter.com/ssaratht/status/1923260327254266119

तुर्की और चीन ने पाक का दिया था साथ गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने `ऑपरेशन सिंदूर` नाम से जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था, जो 10 मई को युद्ध विराम के ऐलान पर आकर थमा. इसी दौरान तुर्की और चीन ने कूटनीतिक और सैन्य रूप से पाकिस्तान का समर्थन किया था. इसे भी पढ़ें : नक्सल">https://lagatar.in/crpf-officer-injured-by-lightning-during-naxal-operation-martyred/">नक्सल

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