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झारखंड में महिला के साथ पुरुष कर्मियों को भी मिलेगा पितृत्व अवकाश

शनिवार और रविवार को भी पितृत्व अवकाश की छुट्टियों में किया जाएगा शामिल झारखंड सेवा संहिता, 2000 में संशोधन के प्रारूप को मिली स्वीकृति Ranchi: राज्य सरकार ने झारखंड सेवा संहिता 2000 के प्रारूप को स्वीकृति दे दी है. इसके तहत महिला कर्मियों के साथ पुरुष कर्मियों को भी पितृत्व अवकाश मिलेगा. राज्य सरकार ने छठे केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में यह निर्णय लिया है. इस प्रारूप में राज्य सरकार ने सरकारी महिला कर्मियों के मातृत्व अवकाश की अधिसीमा में वृद्धि करने के साथ पुरुष कर्मियों के लिए पितृत्व अवकाश का प्रावधान किया है. पितृत्व अवकाश के लिए क्या है प्रावधान पितृत्व अवकाश के तहत एकल पुरुष अभिभावक, जिसमें अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा शामिल हैं, उन्हें यह सुविधा प्रदान की जाएगी. शिशु देखभाल अवकाश अर्जित अवकाश के समान मानी जाएगी और उसी प्रकार से मंजूर की जायेगी. बताते चलें कि केंद्र सरकार के महिला कर्मियों के लिए समस्त सेवाकाल में दो अवयस्क संतानों की देखभाल के लिए कुल 730 दिनों की "शिशु देखभाल अवकाश" का प्रावधान किया गया है. एकल पुरुष कर्मियों के लिए भी उक्त सुविधा कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेश से प्रदान की गयी है. प्रारूप में अवकाश के लिए क्या क्या है प्रावधान • इस अवकाश के दौरान महिला एकल पुरुष कर्मचारी को यह छुट्टी वेतन प्राप्त होगा, जो छुट्टी पर प्रस्थान करने के ठीक पहले प्राप्त कर रही रहा हो . • छुट्टी के दौरान पड़ने वाले शनिवार, रविवार एवं राजपत्रित छुट्टियों भी शिशु देखभाल अवकाश में शामिल की जाएगी . • अवयस्क संतान (18 वर्ष से कम आयु) वाली महिला कर्मचारियों को, उनकी समस्त सेवा अवधि के दौरान, केवल दो संतान तक, उनकी परीक्षा, बीमारी की दशा में पालन-पोषण या देखभाल के लिए, दो वर्ष की शिशु देखभाल अवकाश, छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जा सकेगी. • निःशक्त बच्चों के मामलों में उपर्युक्त उम्र संबंधी सीमा लागू नहीं किया जाएगा . • शिशु देखभाल अवकाश का अधिकार पूर्वक दावा नहीं किया जा सकेगा. किसी भी परिस्थिति में, मंजूर करने वाले प्राधिकारी की पूर्वानुमति एवं उचित मंजूरी के बिना, कोई कर्मचारी इस छुट्टी पर प्रस्थान नहीं कर सकेगा . • उचित मंजूरी के बिना, कोई कर्मचारी इस छुट्टी पर प्रस्थान नहीं कर सकेगा . • शिशु देखभाल अवकाश 18 वर्ष से कम आयु के केवल दो जीवित संतानों के लिए अनुमान्य होगी . • शिशु देखभाल अवकाश एक कैलेंडर वर्ष के दौरान तीन बार से अधिक नहीं मंजूर नहीं की जाएगी, जो प्रत्येक बार 15 दिनों से कम के लिए मंजूर नहीं की जायेगी . • शिशु देखभाल अवकाश के क्रम में मांगी गई कोई अन्य अवकाश के लिए सरकारी चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होने पर ही अवकाश मंजूर की जाएगी. • संबंधित महिला एकल पुरुष कर्मचारी के छुट्टी लेखा में उपार्जित अवकाश देय होते हुए भी शिशु देखभाल अवकाश मंजूर की जा सकेगी. [wpse_comments_template]

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