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दिनभर Twitter पर ट्रेंड करता रहा JTET अभ्यर्थियों का कैंपेन, सरकार ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

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Ranjeet kumar

Ranchi : कभी ट्विटर पर लोगों की समस्याओं को समाधान करने के लिए मशहूर झारखंड के मुख्यमंत्री एक लाख 20 हजार से भी अधिक ट्वीट पर खामोश हैं. साल 2016 जेटेट पास अभ्यर्थियों के ट्वीट पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है. साल 2016 झारखंड शिक्षक पात्रता के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर ट्विटर पर कैंपेन चलाया, जो 6 जून को सुबह 11 बजे शुरू हुआ. जेटेट उत्तीर्ण 52 हजार अभ्यर्थियों द्वारा चलाया गया कैंपेन दिनभर ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा. लेकिन मुख्यमंत्री के साथ साथ झारखंड मे सत्तारुढ़ गठबंधन दल के सभी शीर्ष नेता ने अभ्यर्थियो की मांग अनदेखी करते रहे. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, विधायक भानु प्रताप शाही, प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी जैसे राजनैतिक हस्तियां जेटेट उत्तीर्ण उम्मीदवारों के पक्ष मे कैंपेन का हिस्सा बने. 

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प्रतिवर्ष होने वाली टेट परीक्षा झारखंड में दस साल में हुई सिर्फ दो बार

वर्ष 2011 से 2021 तक यानि दस साल में सिर्फ दो बार राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई है. पहली बार 2013 में और दूसरी और आखिरी बार 2016 में, जबकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के आधार पर प्रतिवर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन होना चाहिए था. शिक्षा का अधिकार अधिनियम झारखंड राज्य में वर्ष 2011 से ही प्रभावी है, इस लिहाज से राज्य में 10 परीक्षाएं होनी थी. 2016 के बाद से राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है. साथ ही 2016 की परीक्षा मे उत्तीर्ण अभ्यर्थियो की नियुक्ति प्रक्रिया की दिशा में सरकार की तरफ से कोई कदम उठाया नहीं गया है. 2016 की परीक्षा मे 2,49,576 परीक्षार्थियो ने हिस्सा लिया था. 10 मार्च 2017 को घोषित रिजल्ट मे 53870 परीक्षार्थी सफल घोषित हुए. वहीं 2013 के टेट पास लगभग 48000 अभ्यर्थी भी नियुक्त नहीं हो सके हैं. इस तरह राज्य के एक लाख से अधिक टेट पास अभ्यर्थी है.

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शिक्षकों की कमी के मामले में झारखंड की गिनती देश के शीर्ष राज्यों में

देश में नई शिक्षा नीति के विषय पर लोकसभा में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जो आंकड़े दिए हैं, उसके अनुसार देशभर में शिक्षकों के 10 लाख 60 हजार 139 पद खाली है. राज्यवार रिक्तियों के अनुसार झारखंड में 95897 शिक्षकों के पद रिक्त हैं. वहीं राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खाली पदों के जो डिटेल दिये हैं, उसके अनुसार राज्य में 39408 पद खाली हैं, जिसमें पहली से आठवीं क्लास के स्कूल में 22728 पद खाली है. हाई और प्लस -2 स्कूलों में 16680 पद रिक्त है. राज्य में वर्ष 2013 मे पहली बार जेटेट की परीक्षा प्रथम बार आयोजित की गई थी, जिसमें 66,364 परीक्षार्थी पास हुए थे. 2015-16 तक 15698 अभ्यर्थी को शिक्षक के रूप मे सीधी नियुक्ति दी गई थी. 2016 के जेटेट पास अभ्यर्थी भी लगातार सरकार से 2013 के ही तर्ज पर सीधी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं.

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