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केदारनाथ धाम के कपाट खुले, हर हर महादेव के जयकारों से गूंजा पर्वतांचल

  • 108 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा
  • मंदाकिनी-सरस्वती संगम पर पहली बार आरती
  • बाबा केदार के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
LagatarDesk :  उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतों में स्थित भगवान शिव के पावन धाम केदारनाथ मंदिर के कपाट आज 2 मई 2025 की सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये. पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कपाट खुले. इस दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी. जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, मंदिर परिसर "हर हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा. इस शुभ अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे. कपाट खुलने से पहले, बाबा केदार की चल विग्रह डोली को उनके शीतकालीन निवास, उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से फूलों से सजी पालकी में लेकर केदारनाथ लाया गया. https://twitter.com/ANI/status/1918121495269699650

सजावट में बही भक्ति की खुशबू इस बार मंदिर परिसर को बेहद भव्य रूप से सजाया गया है. लगभग 108 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से धाम को सजाया गया है, , जिससे माहौल श्रद्धा और सौंदर्य से सराबोर हो उठा. वडोदरा (गुजरात) के सृजल व्यास के नेतृत्व में 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत कर सजावट को अंतिम रूप दिया. दिल्ली, कश्मीर, पुणे, कोलकाता, पटना के अलावा नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका से मंगाये गये 54 तरह के फूलों ने मंदिर को स्वर्ग-सा मनमोहक बना दिया है.  खास बात यह है कि कोलकाता के एक विशेष गांव से लाये गये गेंदे के फूल 10-15 दिन तक ताजगी बरकरार रखते हैं. इस बार पश्चिम बंगाल के 35 कलाकारों ने भी सजावट में हाथ बंटाया. https://twitter.com/AHindinews/status/1918111558124880203

पीएम मोदी को देश का लंबे समय तक नेतृत्व करने की शक्ति दें : धामी पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज बहुत शुभ दिन है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा के अनन्य भक्त हैं. हर बार की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ की पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गयी है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पूजा में यह प्रार्थना की गयी कि बाबा केदार प्रधानमंत्री को देश का लंबे समय तक नेतृत्व करने की शक्ति दें. उन्होंने बताया कि 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद जो क्षति हुई थी, उसके बाद से केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ. हमारा निरंतर प्रयास है कि इस तीर्थ यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके.  सीएम धामी ने कहा कि धाम में नवनिर्माण और पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है. हमारा उद्देश्य है कि यह कार्य समय पर पूर्ण हो, जिससे बाबा के भक्तों को हर तरह की सुविधा मिल सके. पहलगाम आतंकी हमले पर सख्त रुख वहीं, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित रूप से हमारी सेना, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, उचित समय पर उचित निर्णय जरूर लेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि देश की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी साजिश का माकूल जवाब देने में सक्षम हैं. https://twitter.com/AHindinews/status/1918141688305844556

  मंदाकिनी-सरस्वती संगम पर पहली बार आरती केदारनाथ मंदिर समिति के CEO विजय थपलियाल ने बताया कि इस बार की यात्रा में एक नई परंपरा की शुरुआत हो रही है. हरिद्वार और काशी की तर्ज पर अब मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम पर भी भव्य आरती का आयोजन होगा. इसके लिए तीन ओर से विशेष रैंप बनाये गये हैं, जिससे श्रद्धालु बिना भीड़भाड़ के दर्शन कर सकें. बदरीनाथ के कपाट जल्द खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा 2025 की भी आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है. यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट भी अक्षय तृतीया पर खुल गये हैं, जबकि बदरीनाथ के कपाट जल्द ही खोले जायेंगे. इस बार प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल दर्शन और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जैसी तकनीकी सुविधाएं भी शुरू की हैं ताकि दर्शन सुविधाजनक और सुरक्षित हों. 30 मीटर दायरे में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध इस बार प्रशासन ने नई गाइडलाइन्स भी जारी की हैं.  सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर के 30 मीटर दायरे में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यदि कोई श्रद्धालु इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए रील या फोटो शूट करता पाया गया, तो उसका मोबाइल जब्त कर लिया जाएगा और ₹5000 तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

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