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गम्हरिया: भूमि रक्षा ग्रामीण एकता मंच ने मनाया स्थापना दिवस, पेसा कानून के प्रावधान लागू करने की मांग

Saraikela / Gamharia : भूमि रक्षा ग्रामीण एकता मंच द्वारा 16वां स्थापना दिवस गम्हरिया प्रखंड के हिदी बिली फुटबॉल मैदान में मनाया गया. इसकी अध्यक्षता सुरेंद्र सुंडी ने की. सभा में यहां बसने वाले आदिवासी मूलवासी एवं अन्य सामान्य लोगों के उत्थान एवं संपूर्ण विकास के बारे में बताया. साथ ही आगामी होने वाले पंचायत चुनाव में ग्रामीणों के भूमिका एवं उनसे मिलनेवाले लाभ के संबंध में बताया गया. सभा में उपस्थित लोगों ने पेसा कानून के तहत आदिवासी-मूलवासियों को उनके अधिकार नहीं दिए जाने पर अफसोस एवं रोष व्यक्त किया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/pesa-1-300x135.jpg"

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हमें हमारे मूल अधिकार से वंचित रखा जा रहा

सभा की अध्यक्षता कर रहे सुरेन्द्र सुंडी ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था के अनुसार आदिवासी, मूलवासियों को पेसा कानून 2016 के तहत हमें हमारा मूल अधिकार से वंचित किया जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा ग्राम सभा को निरस्त करने एवं राज सरकार द्वारा ग्राम सभा को पूर्ण रुप से लागू नहीं करने से हमें हमारा संवैधानिक हक और अधिकार से संपूर्ण वंचित क्या जा रहा है. पेशा कानून 2016 हमें गांव के जल, जंगल, जमीन पर हमारा अधिकार देता है एवं हम इसे लोकहित एवं विकास में उपयोग एवं उपभोग कर सकते हैं.पेसा प्रदत कानून के अनुसार ग्राम सभा को यह अधिकार है कि गांव में अवास्थित जंगल के उत्पादों, जल का प्रबंधन एवं व्यवसायीकरण, गांव के भूमिहीनों को उनके परिवार के भरण पोषण के समान खेती के लिए जमीन की बंदोबस्ती करना आदि शामिल है. इन सभी प्राकृतिक स्रोतों से होनेवाली वित्तीय आय से ग्राम सभा के एक वित्तीय कोष का निर्माण होगा, जिससे गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, घर, कृषि विकास जैसे आत्मनिर्भरता का कार्य सम्पन्न हो सकता है. मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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