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गांवों में “सर्वे-रैपिड एंटीजन जांच" से सरकार रोकेगी कोरोना, चलेगा 10 दिनों का ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट ड्राइव

 
  • मुखिया, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, एएनएम, जेएसएलपीएस की दीदियां, सहिया सहित अन्य फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के सहयोग से लक्ष्य होगा पूरा : हेमंत
  • सीएम ने फिर दोहराया, राज्यवासियों को संक्रमण से बचाना सरकार की प्राथमिकता, सीमित संसाधनों में हो रहा है बेहतर कार्य

Ranchi : ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के संभावित प्रसार को देखते हुए हेमंत सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. इस कड़ी में राज्य सरकार अब ग्राम स्तर पर सर्वे और जांच प्रोटोकॉल योजना की शुरुआत कर रही है. योजना के अंतर्गत 10 दिनों का ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट ड्राइव चलाया जाएगा. स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पहुंचकर जांच और उपचार सुनिश्चित करेंगे. इन 10 दिनों के फीडबैक के बाद राज्य सरकार आगे की कार्य योजना बनाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के लोगों की मानसिक स्थिति, बीमारी और पीड़ा को जानने के लिए ग्राम स्तर पर "ग्राम स्तर पर सर्वे एवं रैपिड एंटीजन जांच कार्यक्रम" की शुरुआत हुई है. कार्यक्रम के तहत गठित टीम द्वारा घर-घर पहुंच कर लोगों की स्वास्थ्य जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा. सरकार की स्वास्थ्य सुविधाएं आप तक पहुंचे इस निमित्त कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है. इस कार्यक्रम में मुखिया, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, एएनएम, जेएसएलपीएस की दीदियां, सहिया सहित अन्य फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के सहयोग से कार्यक्रम की शुरुआत और कार्यक्रम के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा.

स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में बदलाव जनहित को देखकर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 24 अप्रैल से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का निर्णय लिया, जो काफी प्रभावी और सकारात्मक साबित हो रहा है. इसे तीन बार बढ़ाया गया, किंतु प्रत्येक बार आम लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णयों में फेरबदल की गई. इस अवधि में अंतर्राज्यीय मूवमेंट तो बंद किया ही, साथ ही साथ इंटर डिस्ट्रिक्ट मूवमेंट पर भी ई-पास की व्यवस्था बनाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यवासियों को संक्रमण से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है.

सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में है

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के साथ-साथ अब राज्य सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में है. पंचायत स्तर पर सेंटर बनाया जा रहा है, जहां ऑक्सीजन व जांच किट एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी. राज्य सरकार का प्रयास है कि वैक्सीनेशन से पहले लोगों का स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित हो और जो स्वस्थ हैं, उनका ही वैक्सीनेशन किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के हर दूसरे घर में कोविड किट उपलब्ध कराएगी. प्रत्येक प्रखंड में 2 एंबुलेंस संक्रमित मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए सुनिश्चित किए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूर भारी संख्या में वापस लौट रहे हैं. उन्हें ग्रामीण स्तर पर जांच करने की व्यवस्था दुरुस्त की गई है. सभी जिला तथा प्रमंडल अस्पतालों को ऑक्सीजन युक्त अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है. आयुष विभाग कोरोना किट के माध्यम से दवाइयां उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है.

वैक्सीन की कमी को दूर करने का हो रहा प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में राज्य के सभी मंत्रियों द्वारा मिले सुझावों के अनुरूप ही आगे का निर्णय सरकार लेगी. सभी के सुझावों पर ध्यान रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में मंगलवार से से ही मेडिकल किट और आवश्यक दवाइयां पहुंचाने का कार्य किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 40 लाख वैक्सीन ही उपलब्ध हुए हैं. राज्य सरकार इस निमित्त लगातार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित किया है. अपने स्तर से अधिक मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो, इसके लिए प्रयासरत है.

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