Search

 
 
 

झारखंड चैंबर  और ESIC ने मिलकर चलाया जागरुकता अभियान, स्प्री योजना को लेकर दी गयी जानकारी

बीमा आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में झारखंड में ESIC से जुड़े कर्मचारियों (आईपी) की संख्या 7 लाख है और जब यह 10 लाख पार कर जाएगी तो जमशेदपुर में सब-रीजनल ऑफिस खोला जाएगा.
 

Ranchi : झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के संयुक्त प्रयास से आज चैंबर भवन में जागरूकता कार्यशाला का आयोजित की गयी. कार्यशाला में स्प्री योजना 2025 (Scheme for Promotion of Registration of Employers and Employees - SPREE) की जानकारी दी गयी. कार्यशाला 31 दिसंबर 2025 तक चलेगी.

 

कार्यक्रम में ESIC के पूर्वी क्षेत्र के बीमा आयुक्त प्रणय सिन्हा, उप निदेशक राजेन्द्र टुडू, सहायक निदेशक अभिषेक कुमार मौजूद थे. उन्होंने बताया कि यह योजना खासतौर पर ऐसे नियोक्ताओं के लिए है जिन्होंने अभी तक अपने सभी कर्मचारियों को ESIC में पंजीकृत नहीं कराया है. इस योजना के तहत किसी तरह की जांच या जुर्माना नहीं लगेगा.

 

बीमा आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में झारखंड में ESIC से जुड़े कर्मचारियों (आईपी) की संख्या 7 लाख है और जब यह 10 लाख पार कर जाएगी तो जमशेदपुर में सब-रीजनल ऑफिस खोला जाएगा.

 

झारखंड चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने ESIC के नए अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की.साथ ही नियोक्ताओं की शिकायतों से अधिकारियों को अवगत कराया. उप निदेशक टुडू ने जानकारी दी कि ESIC 1 अक्टूबर 2025 से एमनेस्टी योजना शुरू करेगा, जिससे पुराने 32 हजार से ज्यादा लंबित मामलों का समाधान निकलेगा.

 

 

चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि चैंबर हमेशा कामगारों और नियोक्ताओं के हित में काम करता रहा है. उन्होंने सुझाव दिया कि स्प्री योजना के प्रचार के लिए सभी जिलों में कार्यशालाएं होनी चाहिए.

 

सह-सचिव विकास विजयवर्गीय ने सवाल उठाया कि जिन नियोक्ताओं को पहले नोटिस मिले हैं, क्या वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इस पर अधिकारियों ने साफ किया कि स्प्री योजना केवल नए पंजीकरण के लिए है, पुराने मामलों के लिए एमनेस्टी योजना लागू होगी.

 

ESIC व श्रम समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने बताया कि ESIC हर महीने सुविधा समागम कार्यक्रम करता है और सभी नियोक्ताओं से इसमें भाग लेने की अपील की.

 

चैंबर उपाध्यक्ष राहुल साबू ने ESIC की योजनाओं की सराहना करते हुए क्लेम रिम्बर्समेंट प्रक्रिया पर जानकारी मांगी.उन्होंने प्रसव के समय मिलने वाली ₹15,000 की सहायता राशि बढ़ाने की मांग भी रखी.

 

कार्यशाला में कई उद्योग संघों, प्रतिष्ठानों, सीए, कंपनी सेक्रेटरी, नियोक्ताओं और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और योजना से संबंधित जानकारी ली.

 

कार्यक्रम में परेश गट्टानी, राहुल साबू, आदित्य मल्होत्रा, विकास विजयवर्गीय, प्रमोद सारस्वत, मुकेश अग्रवाल, अमित शर्मा, मनोज मिश्रा, अल्तमस आलम, राजीव सहाय समेत बड़ी संख्या में नियोक्ता मौजूद रहे.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही