Search

झारखंड स्पेश एप्लिकेशन सेंटर इसरो के सहयोग गढ़ रहा विकास के कई आयाम

Ranchi: राज्य का झारखंड स्पेश एप्लिकेशन सेंटर इसरो के सहयोग से विकास के कई आयाम गढ़ रहा है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मोबाइल एप के साथ बेब आधारित एप्लीकेशन और कैंपस इंफोरमेशन सिस्टम पर काम कर रहा है. फिलहाल झारखंड स्पेश एप्लिकेशन सेंटर कुल 31 प्रोजेक्टों पर काम कर रहा है. इसरो के सहयोग से आसमानी बिजली गिरने की घटना और उससे जुड़ी प्रक्रिया का पता लगाना साथ ही उसका पूर्वानुमान का भी काम हो रहा है. इसे भी पढ़ें -बांग्लादेश">https://lagatar.in/bangladesh-india-protests-over-the-killing-of-hindu-leader-bhabesh-chandra-roy/">बांग्लादेश

: हिंदू नेता भाबेश चंद्र रॉय की हत्या पर भारत ने विरोध जताया, विदेश मंत्रालय ने चेताया
गांवों की कैडस्ट्रल मानचित्रों का डिजिटलीकरण स्पेस सेंटर में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण के साथ झारखंड के गांवों की कैडस्ट्रल मानचित्रों का डिजिटलीकरण और जियोरेफ़रेंसिंग का काम हो रहा है. साथ प्रखंड में ग्रामीण सड़क योजना की मॉनिटिरिंग के प्रोजेक्ट पर भी काम हो रहा है. झारखंड में विभिन्न मोबाइल प्रदाता कंपनियों के आरओडब्ल्यू (रास्ते का अधिकार) के लिए भूमि उपयोग का मानचित्रण भी किया जा रहा है. अंतरिक्ष की हलचल का भी मिलेगा अपडेट अब झारखंड में अंतरिक्ष में होने वाली हलचल का भी अपडेट मिलेगा. इसके अलावा सेटेलाइट के जरीए कृषि-मौसम विज्ञान और भूमि आधारित अवलोकन के माध्यम से कृषि उत्पादन का पूर्वानुमान का भी पता चल सकेगा. मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण, निगरानी भी हो सकेगी. आपदा प्रबंधन विभाग के लिए जीआईएस आधारित निगरानी प्रणाली भी डेवलप किए जा रहे हैं. सरकारी रजिस्टरों का डेटा डिजिटलीकरण का कांम भी हो रहा है. पेयजल योजनाओं की निगरानी और प्रबंधन के प्रोजेक्ट भी पूरे किए जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें - जनता">https://lagatar.in/people-should-be-cautious-situation-like-murshidabad-should-not-happen-in-jharkhand-too-babulal/">जनता

रहे सावधान, कहीं मुर्शिदाबाद जैसी स्थिति झारखंड में भी न हो जाएः बाबूलाल

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//