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गठबंधन सरकार के काम-काज का झामुमो ने दिया हिसाब, कहा- बीजेपी चुनाव में कर रही मुद्दाविहीन बातें

 
Ranchi: बेरमो और दुमका उपचुनाव का प्रचार अपने परवान पर है. सत्ता और विपक्ष इस चुनाव में बिलकुल आमने-सामने है. तल्ख बयान का दौर जारी है. विपक्ष बीजेपी राज्य के हेमंत सरकार पर उनके कार्यकाल में हुए काम का हवाला देकर वोट मांग रहा है, तो सत्ता पक्ष बीजेपी के पिछली सरकार के कामकाज के हिसाब पर वोट देने की अपील कर रही है. इस बीच जेएमएम की तरफ से हेमंत सरकार की उपलब्धियां पार्टी की तरफ से गिनायी गयी. पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन सरकार की नौ महीने की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में बीजेपी अपनी हार मान चुकी है. पार्टी पूरी तरह से हताश हो चुकी है. हताशा में बीजेपी के नेता मुद्दाविहीन बात कर रहे हैं. अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए सुप्रियो ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान सरकार ने अपने गठबंधन पार्टी के साथ बेहतरीन काम किया.

ये उपलब्धियां गिनायी

• झारखंड की संस्कृतिक धरोहर, वन सम्पदा एवं समृद्धि को प्रतिबिम्बित करने वाला झारखंड को नया प्रतीक चिह्न दिया गया है. • झारखंड के बाहर फंसे लगभग पांच लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को सकुशल वापस लाया गया है. • प्रवासी श्रमिकों को स्पेशल ट्रेनों से झारखंड वापस लाने का काम किया गया. • प्रवासी श्रमिकों की वापसी के लिए पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन तेलंगाना से रांची के लिए रवाना किया गया. • बसों के माध्यम से भी प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाया गया. • अंडमान-निकोबार और लेह लद्दाख में फंसे श्रमिकों को वायुयान से एयर लिफ्ट कराकर सकुशल झारखंड वापस लाया गया. • झारखंड वापस आने पर इन प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था, आवश्यकतानुसार इनके लिए क्वारंटाईन सेंटर की व्यवस्था, समुचित संख्या में बेड की उपलब्धता और संक्रमित मरीजों के इलाज एवं देखभाल की व्यवस्था की गयी. • प्रवासी मजदूर भाइयों और बहनों को रोजगार से जोड़ने के लिए हमारी सरकार ने मनरेगा और दूसरी योजनाओं के माध्यम से राज्य में बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास जैसी योजनाओं की शुरुआत. • राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम बनाकर विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों से संपर्क स्थापित किया गया और प्रत्येक राज्य के लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया. • प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में लगभग 25 करोड़ की सहायता राशि का ट्रांस्फर की गयी. • राज्य में निवास करने वाले गरीबों को उस क्षेत्र के विधायक की अनुशंसा पर 1000 रुपये तथा राज्य के बाहर फंसे प्रवासी श्रमिकों को 2000 रुपयों देने के लिए राज्य के सभी विधायक को अधिकतम 25 लाख रुपये खर्च करने का अधिकार ’’मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना’’ के अन्तर्गत दिया गया. • झारखंड लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके जीवीकोपार्जन की व्यवस्था के लिए पर्याप्त निधि की व्यवस्था की गई. • मनरेगा अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 करोड़ मानव दिवस सृजन करने के लिए 3578 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. • अबतक कुल 1,12,484 योजनाओं को पूरा कर लिया गया है और 4,84,735 योजनाओं पर काम जारी है. • लॉकडाउन से प्रभावित राज्य असंगठित कामगारों, दिहाड़ी मजदूरों, गरीब और असहायों को भूखमरी से बचाने के लिए “मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना’’ की शुरुआत की गई. • “मुख्यमंत्री दाल-भात योजना’’ के अन्तर्गत पूर्व से संचालित 388 दाल-भात केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 1700 कर दी गयी. ताकि लॉकडाउन के दौरान झारखंड वापस आने वाले प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को निशुल्क भोजन मिल सके. • लॉकडाउन के कारण संकट में आये परिवारों की मदद के लिए आकस्मिक राहत पैकेट, जिसमें दो किलो चूड़ा, 500 ग्राम गुड़ तथा 500 ग्राम चना वितरण का निर्णय लिया गया. • रांची जिला में 5000 पैकेट तथा अन्य 23 जिलों में प्रति जिला 2000 पैकेट का वितरण किया गया. • वैसे परिवारों जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, लेकिन उन्होंने राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया है, उन सभी परिवारों को दस किलो अनाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. अब तक इससे लगभग 13 लाख 36 हजार परिवारों को लाभान्वित किया गया. • “शहीद निर्मल महतो श्रमिक महासंघ’’ नामक एक नई संस्था का गठन किया गया है. यह संस्था श्रमिक साथियों को सुरक्षित एवं सतत रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हे एवं उनके परिवार जनों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है. • मंत्रिपरिषद् की पहली बैठक में ही महिलाओं और नाबालिग के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों पर त्वरित निर्णय के लिए 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय लिया गया. • निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी स्थानीय लोगों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत पद आरक्षित करने के लिए नियम बनाने का काम हमारी सरकार कर रही है. • राज्य में सड़कों का जाल बिछाने के उद्देश्य से 3384 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान हुआ. जिसमें लगभग 900 किमी पथ एवं 25 पुल निर्माण कार्य किया जायेगा. • ‘‘सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोत्पाद सहकारी महासंघ’’ के गठन का निर्णय लिया गया है. महासंघ के अन्तर्गत पंचायत स्तर पर प्राथमिक सहकारिता समिति का गठन किया जायेगा. इन प्राथमिक समितियों के माध्यम से कृषि उपकरण बैंक का भी संचालन किया जायेगा. • राज्य के किसानों को आय का एक सशक्त स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है. • पशुओं को विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाने के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, कांके, रांची में 28.69 करोड़ रुपये की लागत से टीकौषधि उत्पादन केन्द्र एवं प्रयोगशाला का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग एक करोड़ टीकौषधि का उत्पादन किया जायेगा. • बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट विस्तारीकरण योजना के अन्तर्गत रनवे की लम्बाई 900 मीटर से बढ़ाकर 1200 मीटर करने का प्रस्ताव है. • राज्य सरकार ‘हो, कुडूक एवं मुण्डारी’ भाषा को 8वीं अनुसुची में शामिल करने हतु प्रयासरत हैं. • राज्य के छा़त्र-छा़त्राओं जो विदेश की प्रतिष्ठित संस्थान में स्नातकोत्तर (उच्च शिक्षा) की पढ़ाई करना चाहते है, उन्हे राज्य सरकार अनुदान उपलब्ध करवाएगी. • हमारी सरकार ने 5000 विद्यालयों को शिक्षक-छात्र अनुपात, प्रशिक्षक सहित खेल का मैदान, पुस्तकालय आदि सभी सुविधाओं से युक्त करते हुए ‘’सोबरन मांझी आदर्श विद्यालय’’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है. • हमारे नौनिहाल अपने घरों में सुरक्षित रहें और महामरी की इस घड़ी में उनका पठन-पाठन अवरूद्ध न हो, इसके लिए माह अप्रैल 2020 से ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था ‘‘डीजी-साथ कार्यक्रम’’ के अन्तर्गत की जा रही है. राज्य के लगभग 14 लाख विद्यार्थी इस व्यवस्था से लाभाविन्त हो रहे है. • झारखंडवासियों की भावना के अनुरूप पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल, दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल तथा पाटलिपुत्रा मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल का नाम परिवर्तित करते हुए शहिद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल किया गया. • राज्य में युद्धस्तर पर कोरोना संक्रमितों की जांच हो सके इसके लिए रांची, धनबाद तथा जमशेदपुर में कार्यरत डमकपबंस ब्वससमहमे तथा इटकी आरोग्यशाला में आरटीपीसीआर प्रयोगशाला की शुरूआत की गयी. • जिला स्तर पर जांच की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु जिला अस्पतालों में 97 मशीनों की स्थापना की गई है. • शहरी क्षेत्रों में लोगों को रोजगार काम उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘‘शहरी रोजगार गारंटी योजना’’ प्रारंभ की जा रही है. इसके तहत प्रत्येक इच्छुक परिवार को वर्ष भर में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है. काम नहीं दे पाने की स्थिति में उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा.
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