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किरीबुरु: वन्यप्राणी सप्ताह में निबंध लेखन में आरजू व श्रेया प्रथम, घोंसला बनाने में श्रुति ने मारी बाजी

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Kiriburu : वन्यप्राणी सप्ताह 2021 के तहत सारंडा वन प्रमंडल व टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में बराईबुरू वन विश्रामगार, गुवा में वन्य प्राणी सप्ताह 2021 का शनिवार को समापन समारोह का आयोजन किया गया. वन्यप्राणी सप्ताह 2021 के उपलक्ष्य में अलग-अलग विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता एवं चिड़ियों के घोंसले को गैर जरूरी चीजों से बनाने के लिए एक प्रतियोगिता रखी गई थी, जिसमें वैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाए जो हम फेंक देते हैं. 1 से 8 कक्षा वर्ग के निबंध प्रतियोगिता में आरजू खान (डीएवी गुवा) ने प्रथम, श्रुति मिश्रा (केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरू) दूसरे व तीसरे स्थान पर सुहानी कुमारी इस्को मध्य विद्यालय गुवा रही. कक्षा 9 व उसके ऊपर के विद्यार्थियों में श्रेया मिश्रा (केंद्रीय विद्यालय मेघाहतुबुरू) प्रथम,  दीपाली अंगारिया (द्वितीय) व आभाष महापात्रा तृतीय स्थान पर रही. वहीं चिड़ियों के घोंसले बनाने में श्रुति मिश्रा (प्रथम), श्रीधु (द्वितीय) व सालू कांदिर तृतीय स्थान पर रही. सारंडा वन प्रमंडल के चारों प्रक्षेत्र के बीच फुटबॉल मैच की विजेता ससंगदा प्रक्षेत्र की टीम रही, वहीं गुवा प्रक्षेत्र की टीम रनरअप रही. मैन ऑफ द मैच को भी ट्रॉफी और मेडल देकर पुरस्कृत किया.

जंगल में अतिक्रमण होने से जानवर उग्र रूप धारण कर रहे हैं

सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा ने बताया कि प्रकृति ने हमें सब कुछ प्रदान किया है. विकास की सीढ़ियां चढ़ते हुए मानव द्वारा कई वन्य प्राणियों को लुप्त होने के कगार पर पहुंचा दिया है. पारिस्थितिक तंत्र के साथ छेड़छाड़ में वन्यजीवों के लुप्त होने से हमारा प्राकृतिक एवं वातावरण संतुलन नष्ट होता जा रहा है. वन्यजीवों के विलुप्त होने की स्थिति में हमें खामियाजा भुगतना पड़ेगा. जंगल में अतिक्रमण होने से जानवर उग्र रूप धारण कर रहे हैं. हाल ही में कई संस्थाओं द्वारा यह मांग की गई है कि हाथी धरती पर एक विशाल व महान जीव है उनके लिए अपमानसूचक शब्द का इस्तेमाल ना किया जाए. सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि हाथियों एवं जंगली जानवरों की आसपास ना जाएं, उन्हें परेशान ना करें. उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे जीव जंतुओं सब एक कड़ी से जुड़े हुए हैं, इसमें किसी एक से भी छेड़छाड़ करने पर परेशानी सभी को होती है. उन्होंने आम लोगों से अपील कि है कि पौधे, जंगल, वन्यप्राणियों की रक्षा करें. वन एवं वन्य जीवो का संरक्षण के लिए सभी को सजग होना पड़ेगा. चिड़ियों के घोंसले का निर्माण करवाना एवं निबंध प्रतियोगिता का उद्देश्य यही था कि बच्चों को प्रकृति एवं वन्यजीवों के साथ जोड़ना था जब वह कुछ उनके बारे में लिखेंगे या करेंगे तो वह कहीं ना कहीं अप्रत्यक्ष रूप से उनके साथ जुड़े रहेंगे. उन्होने अप्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष रूप से जुड़े कार्यक्रम के सफल बनाने के लिए सभी को धन्यवाद दिया है. इस अवसर पर संलग्न पदाधिकारी प्रजेश कांत जेना, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट लिमिटेड के खान प्रबंधक देवाशीष मुखर्जी, देवाशीष दास, संजय पाठक, अजय नंदी, रमेंद्र कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी कमलेश्वर प्रसाद सिन्हा व सारंडा वन प्रमंडल के सभी कर्मचारी उपस्थित थे. [wpse_comments_template] फोटोः- बच्चों द्वारा बनाया घोषला देखते सारंडा डीएफओ एंव विजेता को पुरस्कृत करते डीएफओ

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