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किरीबुरु : कई गांवों में ट्रांसफॉर्मर वर्षों से खराब या जले हुए हैं, लेकिन बिजली बिल प्रतिमाह आता है

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Kiriburu : नक्सल प्रभावित सारंडा के दर्जनों गांवों के विभिन्न टोलों में महीनों पूर्व से ट्रांसफॉर्मर खराब होने की वजह से लोग अंधेरे में हैं. खराब ट्रांसफॉर्मर को ठीक करने अथवा बदलने के लिए ग्रामीण कई बार विद्युत विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. हालांकि बिलजी नहीं रहने के बावजूद विभाग प्रतिमाह समय पर बिजली बिल भेजकर ग्रामीणों जमा करने के लिए कह रहा है. इससे ग्रामीण आक्रोशित हैं. सारंडा का बालिबा, बिटकिलसोय, कुमडीह, उसरैया, मारंगपोंगा, दुबील आदि अनेक गांवों के विभिन्न टोलों का ट्रांसफॉर्मर महीनों से खराब अथवा जला हुआ है. [caption id="attachment_205943" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/12/KIRIBURU-BINRAI-GUDIYA-1-300x239.jpg"

alt="" width="300" height="239" /> बिनराय गुड़िया.[/caption] इसे भी पढ़ें : उतर">https://lagatar.in/cold-wave-in-north-india-drops-of-dew-became-snow-then-mercury-in-minus-somewhere/">उतर

भारत में शीतलहर, ओस की बूंदें बनीं बर्फ, तो कहीं माइनस में पारा
[caption id="attachment_205945" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/12/KIRIBURU-BINOD-MUNDA-1-300x240.jpg"

alt="" width="300" height="240" /> बिनोद मुंडा.[/caption] बालिबा गांव के मुंडा बिनोद होनहागा और बिनराय गुड़िया ने बताया कि गांव में तीन ट्रांसफॉर्मर में से दो कई वर्षों से खराब है, जिसे आज तक ठीक नहीं किया गया. सिर्फ ट्रांसफॉर्मर, तार व खंभा है जो गांव में बिजली पहुंचने के सरकारी दावों को पुख्ता करती है. बिटकिलसोय गांव के शांतिएल भेंगरा, मारंगपोंगा के बरजूराम, महादेव बहंदा आदि ने भी यही बात कही. ग्रामीणों ने सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि अगर बिजली नहीं देना है तो यह ट्रांसफॉर्मर, तार और पोल भी उखाड़ कर ले जाए, क्योंकि आदिवासियों को अंधेरे व ढिबरी युग में जीने की आदत आदिकाल से है. [wpse_comments_template]

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