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ई-पास के नाम पर लूट : रांची में पास बनाने के लिए वसूले जा रहे 800 से 1000 रुपये

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लगातार न्यूज ने ई-पास बनाने वाले एजेंट से की बातचीत, पास के लिए मांगे 800 रुपये

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर रजिस्टर्ड कंपनी का दावा, पैसा देने पर ही मिलता है पास

Vinit Upadhyay

Ranchi: कोरोना महामारी थमने का नाम नहीं ले रही है. जिसको लेकर सरकार ने 16 मई से कई कड़ाई करने का फैसला लिया है. 16 मई सुबह 6 बजे से निजी वाहनों के लिए ई-पास लेना अनिवार्य होगा. वहीं दूसरी तरफ ई-पास बनवाने के नाम पर वसूली का खेल शुरू हो गया है. शहर में कई ऐसे ट्रांसपोर्टर और कैब वाले है, जो ई-पास बनवाने के लिए 800 रुपए से 1000 रुपए तक की वसूली कर रहे है. राशि वसूली और ई-पास बनाने की सारी जानकारी वाट्सएप के माध्यम से दे रहे हैं.

लगातार न्यूज ने पूरे मामले की पड़ताल की

लगातार न्यूज ने पूरे मामले की पड़ताल की. जिसमें पाया कि ई-पास बनाने के नाम पर कुछ लोग बेखौफ होकर आमलोगों से राशि की उगाही कर रहे हैं. पास बनाने वाले एजेंट खुद को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का रजिस्टर्ड कंपनी बताते हैं. यह भी बताते है कि अगर गाड़ी लेंगे, तो पास की राशि में 50 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा. सिर्फ पास लेना है, तो 800 रुपए लगेंगे. गाड़ी के साथ पास चाहिए, तो पास के 400 रुपए देने होंगे.

लगातार न्यूज के संवाददाता ने पास बनाने वाले एजेंट राजेंद्र कुमार से बातचीत की.

प्रस्तुत है बातचीत के अंश

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रिपोर्टर : मेरे परिवार को बक्सर जाना है? कैसे जाएंगे?

एजेंट : बक्सर कब जाना है. कितने लोग जाएंगे.

रिपोर्टर : 18 मई को बक्सर जाना है. पांच लोग रहेंगे?

एजेंट : पांच लोग है, तब तो बड़ी गाड़ी लेनी होगी. इनोवा ले लिजिए. आराम रहेगा. कोई हाथ भी नहीं देगा.

रिपोर्टर : मैं अपनी गाड़ी से जाऊंगा, तो ई-पास लेना होगा? कितना पैसा लगेगा?

एजेंट : देखिए, पास तो बन जाएगा. खुद की गाड़ी से जाईयेगा, तो पास के 800 रुपए देने होंगे. अगर हमसे गाड़ी लेकर जाइएगा, तो पास के मात्र 400 रुपए ही देने पड़ेंगे.

रिपोर्टर : ई-पास का सरकार कितना पैसा लेती है?

एजेंट : सरकार पैसा नहीं लेती है. पास बनाने वाले लोग लेते है. बिना पैसा दिए एक भी पास जारी नहीं होता है.

रिपोर्टर : मुझे 18 मई को जाना है, पास कबतक दे मिल जायेगा.

एजेंट : पैसा दिजिए, जो डिटेल्स मांग रहे है दिजिए, तुरंत पास भेज देंगे.

 एंजेट इस आपदा को अवसर के रूप में ले रहे है. आम लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने से थोड़ा भी नहीं कतरा रहे है.सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन में ई-पास जैसी शर्तें रखी है. जिसे कम- से- कम लोग घर से बाहर निकले. उस दौरान वैसे ही लोग घर से बाहर आयेंगे. जिन्हे बहुत जरूरी काम होगा. लेकिन एंजेटों की इस लूट से वो काफी परेशान हो जायेंगे.

 

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