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विपत्ति के समय प्रवासी मजदूरों को मिलेगी मदद, पूरा खर्च उठायेगी सरकार : सीएम

Ranchi  :  राज्य के प्रवासी मजदूरों के हितों के लिए हेमंत सरकार ने एक बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य से जो भी श्रमिक भाई एवं अन्य लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य अथवा देशों में जाते हैं, उनका पूरा डाटा बेस तैयार किया जायेगा, ताकि नीति के तहत उन्हें विपत्ति के समय मदद पहुंचा सकें. मुख्यमंत्री ने उक्त बातें झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आयोजित Safe and Responsible Migration Initiative (SRMI) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. सीएम ने घोषणा की है कि अगर दुर्भाग्यवश किसी प्रवासी श्रमिक की मृत्यु होती है, तो राज्य सरकार उनके दिवंगत शरीर को वापस उनके घर लाने की व्यवस्था करेगी तथा अंत्येष्टि का पूरा खर्चा राज्य सरकार ही वहन करेगी. इसके लिए सभी जिलों में कॉरपस फंड की व्यवस्था की जा रही है.

प्रवासी श्रमिकों को किस प्रकार मिलेगी सहायता

वर्तमान में Safe and Responsible Migration Initiative (SRMI)  को पायलट प्रोजेक्ट के तहत दुमका, पश्चिमी सिंहभूम तथा गुमला के श्रमिकों के पलायन को ध्यान में रखकर नीति बनायी गयी है. इन तीन जिलों से दिल्ली, केरल और लेह-लद्दाख इत्यादि जगहों में रोजगार के लिए गये प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है. इन सभी राज्यों से समन्वय स्थापित कर प्रवासी श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी हक सुनिश्चित किये जायेंगे. प्रवासी श्रमिकों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो सके, इस निमित्त नियम बनायी गयी है. शुरुआती दौर में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद व्यवस्था के दायरे को और बड़ा बनाया जा सकेगा.

कई योजनाओं से लाभुकों को मुख्यमंत्री ने पहुंचाया लाभ

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने BOCW  के अंतर्गत विवाह सहायता योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु- दुर्घटना सहायता योजना एवं मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति सहायता योजनाओं का लाभ लाभुकों के बीच वितरित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, मनरेगा आयुक्त बी राजेश्वरी, श्रम आयुक्त ए मुथुकुमार, SRMI के सहयोगी फिया फाउंडेशन के स्टेट हेड जॉनसन टोपनो एवं अन्य उपस्थित थे.

कोरोना में सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को पहुंचायी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के समय राज्य सरकार ने कंट्रोल रूम की स्थापना कर प्रवासी मजदूरों को हर संभव सहायता प्रदान करने की कोशिश की है. प्रवासी मजदूरों को संरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल बनाया गया. पोर्टल के तहत प्रवासी श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है, ताकि विपत्ति के समय राज्य सरकार उन्हें तत्काल मदद पहुंचा सके. उन्होंने राज्य के प्रवासी श्रमिक भाइयों से अपील की है कि इस पोर्टल में वे अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं.

श्रमिकों को टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के बाद घर लौटे सैकड़ों प्रवासी मजदूर राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़े हैं तथा बेहतर जीविकोपार्जन कर रहे हैं. हाल के दिनों में पलायन करने वाले मजदूरों की संख्या में भी कमी आयी है. काफी संख्या में घर लौटे मजदूरों को टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार दी गयी है. सरकार कौशल विकास के तहत हुनर एवं रोजगार की बेहतर व्यवस्था तलाशने का काम सरकार निरंतर कर रही है.

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