Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड में बीज उत्पादन के लिए 10 गांवों के साथ हुआ MOU

Ranchi: झारखंड में कृषि विभाग 10 बीज ग्राम की स्थापना करेगा. इसका मुख्य उद्देश्य उन्नत बीज उपलब्ध कराना और राज्य में बीज की कमी को दूर करना है. इसके लिए पश्चिम सिंहभूम, चतरा और लातेहार के 10 गांवों के साथ गुरुवार को MOU (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए. यह जानकारी कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रांची के हेसाग स्थित पशुपालन भवन में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दी. इसे भी पढ़ें - 1.36">https://lagatar.in/bjp-state-president-babulal-asked-these-questions-to-cm-hemant-soren-on-the-claim-of-rs-1-36-crore/">1.36

करोड़ के दावे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल ने CM हेमंत सोरेन से पूछे ये सवाल

राज्य में हमेशा बीज की कमी रही है - मंत्री

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य में हमेशा अच्छे बीज की कमी रही है और डिमांड के अनुसार बीज उपलब्ध नहीं हो पाते हैं. इस समस्या को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने 10 अलग-अलग गांवों को बीज ग्राम के तौर पर विकसित करने का निर्णय लिया है. इन गांवों के किसानों द्वारा तैयार बीज को सरकार खरीदेगी और उसे राज्य के अन्य किसानों को तय सब्सिडी दर पर वितरित करेगी. समीक्षा बैठक के दौरान, मड़ुवा उत्पादन करने वाले राज्य के 1400 किसानों के खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 3,000 रुपये प्रति एकड़ की राशि भी भेजी गई. राज्य सरकार मडुवा की खेती करने वाले किसानों को यह राशि प्रदान करती है. विभाग ने पंचायत स्तर पर इसकी मैपिंग भी की है. मंत्री ने यह भी बताया कि विभाग FPO (कृषि उत्पादक संगठनों) को मजबूत करने के प्रयास में है. इसी कड़ी में लोहरदगा के FPO को 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है. बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पर भी चर्चा की गई और योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए अधिकारियों को कई निर्देश दिए गए. इसे भी पढ़ें -अल्पसंख्यकों">https://lagatar.in/state-government-is-determined-to-provide-rights-to-minorities-suresh-baitha/">अल्पसंख्यकों

के अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित: सुरेश बैठा
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही