Bermo : टीटीपीएस ललपनिया को प्रतिदिन एक रैक कोयला की आपूर्ति की जा रही है. प्रबंधन को इस बात की चिंता है कि कोयला आपूर्ति में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होने पर प्लांट चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इस संबंध में टीवीएनएल के प्रभारी एमडी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में एक नंबर यूनिट बंद है, दो नंबर यूनिट से लगभग 165 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. इसे भी पढ़ें -
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सीसीएल ने बीते सात अप्रैल से कोयला देना बंद कर दिया था
टीवीएनएल को कोयला आपूर्ति के बाद करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित हो जाने के कारण सीसीएल ने बीते सात अप्रैल से कोयला देना बंद कर दिया था. जब टीवीएनएल ने तत्काल 12 जून को पचास करोड़ रुपये का भुगतान किया, इसके बाद सीसीएल ने कोयला आपूर्ति शुरू की. वैसे उस समय भी सीसीएल का करीब 990 करोड़ रुपए बकाया था. उसे धीरे धीरे भुगतान की दिशा में कार्रवाई की गयी. सीसीएल ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल प्रतिदिन एक रैक कोयला टीटीपीएस को मिलेगा और इसके एवज में नियमित रूप से भुगतान चाहिए. एक रैक में 3 हजार 5 सौ टन कोयला आपूर्ति की जाती है. इसकी कीमत लगभग एक करोड़ दस लाख रुपए होती है. टीटीपीएस ललपनिया की एक यूनिट को चलाने के लिए प्रतिदिन करीब 2 हज़ार 7 सौ टन कोयले की खपत होती है.
कोयले की कमी के कारण बिजली संकट की छाया
टीटीपीएस ललपनिया में 210 मेगावाट की दो यूनिटों पर है. लेकिन सीसीएल को बकाया भुगतान नहीं होने के कारण वह कोयले की महज एक रैक आपूर्ति करता है. वैसे सूत्रों का कहना है कि टीवीएनएल जितना बिजली उत्पादन कर वितरण करता है उसे उतनी राशि भी नहीं मिलती है. इसलिए उत्पादन को भी सीमित कर दिया गया है. [wpse_comments_template]
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