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Operation Sindoor : DGMO LG राजीव घई बोले, सेना ने 3 बड़े समेत 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराये

 

Lagatar Desk :  भारतीय सेना ने हाल ही में "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत बड़ी कार्रवाई की है. इस संबंध में DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि सेना ने सीमा पार 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. इन आतंकियों में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे आतंकवादी शामिल थे, जो पहले IC814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले जैसी घटनाओं में शामिल थे.

इस कार्रवाई के तुरंत बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया और नागरिक इलाकों, गांवों और धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारों को निशाना बनाया. इन हमलों में कई निर्दोष लोगों की जान गई.

बताया कि जो तीन दिन तक चला वो युद्ध से कम नहीं था. ऑपरेशन सिंदूर में पांच जवान शहीद हुए हैं. वहीं भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 40 सेना और अफसरों को मार गिराया है. पाकिस्तानी गोलीबारी से कोई नुक़सान नहीं हुआ है. हमने अपना मकसद और टारगेट पूरा कर लिया है. भारत के सभी पायलेट सुरक्षित लौटे हैं.

सीजफायर तोड़ने के सवाल पर कहा कि  अगर जरूरत पड़ी तो मुंह तोड़ जवाब देंगे. बताया कि पाकिस्तान के आग्रह पर सीजफायर हुआ. भारत ने अपनी शर्तों पर पाक की अपील स्वीकार की. सीजफायर पर बात बनी है लेकिन हम हर सिचुएशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन की तैयारी बहुत ही सोच-समझकर और गुप्त तरीके से की गई थी. सेना ने खुफिया एजेंसियों की मदद से आतंकी शिविरों और प्रशिक्षण केंद्रों की पहचान की. हालांकि, कुछ जगहें पहले ही खाली कर दी गई थीं, शायद हमारी कार्रवाई के डर से. जिन 9 ठिकानों पर हमला हुआ, उनमें कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में थे और कुछ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में. लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके भी इसमें शामिल था, जो अतीत में अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों की ट्रेनिंग का अड्डा रहा है.

उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए उस नरसंहार का भी ज़िक्र किया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि अब समय आ गया है जब भारत को अपने संकल्प को और मज़बूती से व्यक्त करना होगा.

ऑपरेशन सिंदूर का मकसद था :

  • आतंकवादियों और उनके सरगनाओं को सजा देना

  • उनके ठिकानों और नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करना

अंत में उन्होंने कहा कि भारत आतंक के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है और आगे भी ऐसे सख्त कदम उठाता रहेगा.

एयर मार्शल ए.के. भारती ने बताया कि 8 और 9 तारीख की रात को रात 10:30 बजे से हमारे शहरों पर ड्रोन और बिना पायलट वाले हवाई वाहनों से बड़ा हमला किया गया. यह हमला श्रीनगर से शुरू होकर नलिया तक फैला. लेकिन हम पहले से तैयार थे और हमारी हवाई सुरक्षा ने यह सुनिश्चित किया कि जमीन पर या हमारे किसी भी ठिकाने को कोई नुकसान न हो. जवाब में, हमने भी संतुलित कार्रवाई करते हुए दुश्मन के सैन्य ठिकानों और रडार साइटों को निशाना बनाया. ड्रोन हमले सुबह तक चलते रहे, लेकिन हमने उनका मुकाबला किया. ये हमले लाहौर के पास से किए जा रहे थे और उस समय दुश्मन ने वहां से अपने और अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानों को भी उड़ने दिया. हमें इस वजह से काफी सतर्कता बरतनी पड़ी.
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