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जाम से मुक्ती को बनी थी आउटर रिंग रोड परियोजना, पर 2 साल से फाइलों में ही रेंग रही

 
Ranchi: राजधानी को जाम मुक्त रखने के उद्देश्य से प्रस्तावित आउटर रिंग रोड परियोजना अब तक फाइलों में ही रेंग रही है. 2023 में तैयार की गई इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तहत करीब 194 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था. जिसकी अनुमानित लागत 5000 करोड़ रुपये बताई गई थी.
योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के बाहरी हिस्से से होकर एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है, जिससे भारी वाहनों और बाहरी यातायात को रांची शहर में प्रवेश करने की आवश्यकता न पड़े. इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी. लेकिन योजना कब शुरू होगी, अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.
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विकास की रफ्तार फिर थमी परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और विभाग को भेजी भी जा चुकी है. लेकिन आज तक इस योजना को औपचारिक मंजूरी नहीं मिल पाई है. अधिकारियों की सुस्ती और नीति-निर्माताओं की अनदेखी के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी. पांच चरणों में होगा निर्माण कार्य आउटर रिंग रोड का निर्माण पांच चरणों में किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें रांची को घेरते हुए विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ा जाएगा 1. प्रथम चरण – NH-75 से NH-30 तक 2. द्वितीय चरण – NH-30 से NH-27 तक 3. तृतीय चरण – NH-27 से NH-31 तक 4. चतुर्थ चरण – NH-31 से NH-12 तक 5. पंचम चरण – NH-12 से पुनः NH-75 तक इसे भी पढ़ें -बाबूलाल">https://lagatar.in/babulal-and-nishikant-surrounded-minister-hafizul-and-said-that-sharia-law-matters-to-them-and-not-the-constitution/">बाबूलाल

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