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जल संकट: पानी की चोरी, कांके डैम की बदहाली सहित कई मुद्दों पर सचिव ने सुनी पार्षदों की पीड़ा

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Ranchi : एक तरफ जहां राजधानी के अधिकांश लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है. वहीं कुछ इलाकों में विभाग या निगम के कर्मचारी पानी की चोरी कर बड़े-बड़े होटलों को बेच रहे हैं. यह जानकारी रांची नगर निगम के पार्षद व पेयजल विभाग के सचिव प्रशांत कुमार के साथ हुई बैठक में उठा है. इस दौरान निगम के 20 से अधिक पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में पानी की समस्या, कांके डैम की बदहाल होती स्थिति सहित मुद्दों पर अपनी बात रखी. मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के बिना पार्षदों ने सचिव से मिलकर अपनी समस्या बतायी. सभी पार्षदों की समस्या सुन सचिव ने विभागीय इंजीनियरों को निर्देश दिया कि एक माह में वे दोबारा बैठक कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे. जरूरी है कि सभी समस्या का निदान करें. इस दौरान पार्षद अरुण झा, सुनील यादव, ओम प्रकाश, नकुल तिर्की, अर्जुन यादव, हुस्ना आरा, साजदा खातुन, पूर्व पार्षद मो. असलम सहित कई पार्षद उपस्थित थे.

सीवरेज का पानी व कैचमेंट एरिया के बढ़ने से कांके डैम बदहाल स्थिति में

कांके डैम की बदहाल हालत के बारे में सुनकर सचिव ने भी माना कि सीवरेज का पानी डैम में जाने और कैचमेंट एरिया के बढ़ने से यह समस्या उठी है. उन्होंने कहा कि धुर्वा डैम में पानी काफी कम है. जबकि रूक्का डैम में इसकी तुलना में दोगुना. आगामी वर्षों में राजधानवासियों को अधिक से अधिक संख्या में रूक्का डैम से आच्छादित करने पर जोर दिया जा रहा है.

सचिव ने इंजीनियरों को दिये कई टास्क, बतायी भविष्य की योजनाएं

सचिव ने कहा कि फंड की कोई समस्या नहीं है. लेकिन कई इलाकों में पाइपलाइन नहीं बिछा है. जिसपर कुछ समय लगेगा. लेकिन अल्पकालीन तौर पर पानी की समस्या से यह उपाय किया जाए. • जिन वार्डों में जुडको ने पाइपलाइन बिछायी है, वहां जल्द कनेक्शन करें. • वार्ड 26 के पार्षद अरुण झा की तरह कैम्प लगाया जाए. • जिन वार्डों में एक जलमीनार से पानी पहुंचता है (विशेषकर हिंदपीढ़ी, पुराने जेल परिसर वाले इलाके), वहां एक और जलमीनार बनाने की होगी पहल. • हटिया डैम के लोड को कम करने के लिए रूक्का डैम से अधिक जनसंख्या को जोड़ा जा रहा है. • रूक्का डैम के सुदृढ़ीकरण पर भी विभाग का जोर है. कुछ अन्य जलाश्य बनाने की बात सिंचाई विभाग से की गयी है. • एक माह में दोबारा बैठक कर वे सभी वार्डों के लेंगे जानकारी. • आगामी वर्षों में जुडको ही राजधानीवासियों को पानी पिलाये, इसपर चरणबद्ध तरीके से हो रहा काम.

जानिये, किन पार्षदों ने सचिव के समक्ष क्या-क्या रखी समस्याएं

वार्ड 1- मेंहदी हसन इलाके में पानी की समस्या है. कांके डैम की सफाई निरंतर नहीं होती है. पानी सूखने के बाद बदबू आना आम बात है. वार्ड 3 – मोरहाबादी अंटू चौक से सिदवा टोली तक गलत तरीके से पाइप लाइन बिछाया गया है. वार्ड 4 – बड़गाई बस्ती में आज तक नहीं पहुंचा है. 4 इंच का पाइप 50 साल पहले बिछा था. नगर आयुक्त रहते प्रशांत कुमार घुमे थे. वार्ड 10 – कोकर चौक के दहिने भाग में पानी नहीं आता है. इससे 2000 घर प्रभावित हो रहे हैं. वार्ड 22 – कर्मियों की मिलीभगत से चोरी-छुपे रात को पानी रेस्टोरेंट व होटलों में भेजी जाती है. मेन रोड, एकरा मस्जिद के इलाके में यह समस्या आम है. पानी आने का कोई समय निर्धारित नहीं है. वार्ड 23 – पानी का प्रेशर बहुत कम है. मात्र 1 घंटा पानी सप्लाई होता है. निगम की बैठक के बाद इंजीनियर वार्डों को झंकने तक नहीं आते हैं. पानी की चोरी कर होटलों को बेचा जा रहा है. वार्ड 9 – पाइप लाइन मिसिंग की समस्या है. वार्ड 7 – इलाही बख्श, मिशन कॉलोनी, होटवार क्षेत्र में पानी लाइन नहीं बिछने से पानी की समस्या है. वार्ड 15 – स्टेशन रोड के कॉमर्शियल होटलों पर पानी की सप्लाई पर ज्यादा जोर है. वार्ड 18 – 2017-18 में कई इलाकों में पाइपलाइन बंद किया गया. फिर जेल मोड़ से जोड़ा गया. जिसका हश्र यह हुआ है कि आज पानी नहीं मिल रहा है. वार्ड 20 – संवेदक की लापरवाही से जिला स्कूल के पास बने जलमीनार (बांग्ला स्कूल) के आसपास पानी की बर्बादी आम बात हो गयी है. वार्ड 24 – पीपी कंपाउड इलाके में 24 साल से पाइपलाइन नहीं बिछा है. वार्ड 25 – चार साल पहले ही हेचाई कॉलोनी में पाइप बिछा है. लेकिन पानी आज तक नहीं आया है. वार्ड 26 – पटेल पार्क व वीर कुंवर सिंह पार्क के पास कनेक्शन देने से पानी की समस्या काफी हद तक कम होगी. वार्ड 27 – 2014 में कुछ इलाके (भवानी नगर, इरगू टोली, श्रीनगर) में पाइप बिछा, लेकिन पानी आज तक नहीं मिला. किशोरगंज के गली 6,8 और 9 में पाइप बिछा नहीं है. वार्ड 34 – विद्यानगर इलाके में पानी की भयावह की स्थिति है. वार्ड 35 – कई घरों तक आज तक पानी नहीं पहुंचा है. वार्ड 40 – लटमा एरिया में पानी रात को 3 बजे खोला जाता है. कई घरों में पानी की सप्लाई नहीं होती है. वार्ड 43 – नॉर्थ ऑफिस पाड़ा में पहले पानी आता था. छह माह पहले जुडको ने पाइप को उखाड़ नया पाइप बिछाया. अब 6 माह से पानी नहीं मिल रहा है. वार्ड 42 – चार साल पहले एलएनटी ने पाइप बिछाया था (प्रकाश नगर व बिरसा चौक). लेकिन काम आधा–अधूरा कर छोड़ दिया गया. https://english.lagatar.in/people-angry-over-delay-in-taking-samples-for-kovid-investigation-created-ruckus-at-rims-trauma-center/45727/

 

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