के रास्ते गोवंश की तस्करी एक बार फिर शुरू हो गई है. पकड़े जाने के डर से तस्कर पशुओं को ले जाने के लिए अब ट्रक की जगह कंटेनर का भी इस्तेमाल करने लगे हैं. बिहार के औरंगाबाद और चौसा से प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक या कंटेनर में गोवंश को लोडकर धनबाद में एनएच-19 होकर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं. तस्करी के इस खेल में स्थानीय पुलिस अधिकारियों और सफेदपोशों की भी मिलीभगत है. बिहार से धनबाद में एनएच 19 पकड़कर बरवाअड्डा, गोविंदपुर होते हुए ट्रकों पर लोड गोवंश पश्चिम बंगाल और वहां से बांग्लादेश ले जाए जाते हैं. एक दिन पहले बरवाड्डा में गोवंश लदे कंटेनर को पकड़ा गया था. उधर, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के विष्णुपुर में हाल में ही एक अमूल दूध का कंटेनर पलट गया था, जिसमें ठूंस कर गोवंश भरे हुए थे. स्थानरीय लोगों ने सभी को मुक्त कर दिया.
एक दिन पहले गोरक्षा दल ने कंटेनर में 40 पशु पकड़े थे
धनबाद के बरवड्डा में गोरक्षा दल के सदस्यों ने एक दिन पहले 23 अगस्त को तड़के बरवाअड्डा में किशन चौक के समीप कंटेनर में लदे 40 गोवंश को पकड़ा था. गोरक्षा दल के सुमंत शर्मा ने बताया कि उन्हें एक कंटेनर और दो ट्रकों में लादकर में गोवंश ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी. संस्था के सदस्यों ने बरवड्डा पहुंचकर तड़के 3:30 बजे वहां से गुजर रहे एक डाक पार्सल कंटेनर को पकड़ा, जिसपर 40 गोवंश लोड थे.पोट्रोलिंग पार्टी बोली- बड़ा बाबू के कहने पर ही कार्रवाई
सुमंत शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना बरवाअड्डा थाना पुलिस समेत जिले के कई पुलिस अधिकारियों को फोन पर दी गई, लेकिन कोई रिसपांस नहीं मिला. कुछ देर बाद बरवाअड्डा थाना का पेट्रोलिंग वाहन पहुंचा, लेकिन उस पर सवार जवानों ने कहा कि बड़ा बाबू के कहने पर ही कुछ किया जा सकता है. जवानों ने कंटेनर चालक से कुछ बात की और लौट गए. उसके कुछ मिनट बाद ही कंटेनर के चालक और खलासी फरार हो गए. उन्होंने बताया कि कुछ नहीं होता देख वे लोग खुद कंटेनर को थाना ले गए और मामला दर्ज कराया. इसके बाद सभी पशुओं को उतारकर कतरास के गंगा गौशाला ले जाया गया. इस दौरान वाहन को छोड़ देने ने लिए कुछ लोगों ने धमकी भरा फोन भी किया. वहीं, कार से भी कुछ लोग आगे-पीछे कर रहे थे. ऐसी गतिविधियों से उनकी जान को खतरा भी हो सकता है. कुल मिलाकर इस घटना से पुलिस के ऊपर कई सवाल खड़े हो गए हैं. इधर, इस संबंध में पूछे जोन पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सूचना मिलने पर कार्रवाई जरूर की जाएगी.पहले प्रतिदिन 200 ट्रक पशुओं की होती थी तस्करी
एक माह पहले धनबाद के रास्ते प्रतिदिन करीब 200 ट्रकों पर लदे गोवंश की तस्करी होती थी. इनका धनबाद जिले में दो जगह पर ठहराव होता था. तोपचांची और निरसा में पशुओं को वाहन से उतारकर चारा दिया जाता था. इस धंधे एक बड़ा सिंडिकेट काम करता है. यूपी, बिहार, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक एनएच किनारे के सभी थानों और उन जिलों के पुलिस अधिकारियों की भी मिलीभगत रहती है. क्योंकि वाहनों को संबंधित क्षेत्र के थाने की पुलिस से पासिंग लेनी होती है. इसके एवज में उन्हें बंधी-बंधाई अच्छी रकम मिल जाती है. इसमें माफिया का भी साथ मिलता है.एनएच पर चलेगा चेकिंग अभियान : ग्रामीण एसपी
इस संबंध में पूछे जाने पर धनबाद की ग्रामीण एसपी रेशमा रमेशन ने कहा कि एनएच-19 पर रेगुलर एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 23 अगस्त को बरवाअड्डा में पकड़े गए कंटेनर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जांच चल रही है. दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-people-of-kusum-vihar-facing-water-shortage-for-five-months/">धनबाद: पांच माह से पानी की किल्लत झेल रहे कुसुम विहार के लोग [wpse_comments_template]

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