- 52 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा अस्पताल
गंभीर मरीजों के इलाज की होगी व्यवस्था
100 बेड का क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक हॉस्पिटल बन जाने से गंभीर अवस्था के मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी. वहीं सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज किया जाएगा. जिससे उनकी जान बचने की उम्मीद भी ज्यादा रहेगी. वर्तमान में लोहरदगा जिले में किसी हादसे में घायल हुए लोगों को उच्चतर इलाज के लिए रिम्स के ट्रॉमा सेंटर भेजा जाता है. यहां मरीज को आने में वक्त लगता है. ऐसे में गंभीर मरीज की जान खतरे में रहती है.सड़क दुर्घटना में गोल्डेन आवर होता है महत्वपूर्ण: डॉ विकास कुमार
हेल्थ एक्सपर्ट और न्यूरो सर्जरी विभाग के सीनियर रेसिडेंट डॉ विकास कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए गोल्डन आवर सबसे महत्वपूर्ण होता है. ऐसे वक्त में मरीज को जल्द से जल्द बेहतर उपचार की जरूरत होती है. ऐसे में किसी भी जिले में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का निर्माण से मरीजों की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है. सड़क दुर्घटना में सिर में चोट लगना सबसे घातक होता है. अत्यधिक रक्तस्राव से जान जाने का खतरा रहता है. ऐसे मरीजों को जल्द से जल्द इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की जरूरत होती है. क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल मरीजों के लिए वरदान साबित होगा. इसे भी पढ़ें – नियोजन">https://lagatar.in/government-will-reply-on-niyojan-niti-in-the-house-on-march-13/">नियोजननीति पर 13 मार्च को सदन में जवाब देगी सरकार [wpse_comments_template]

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