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1000 करोड़ के कंक्रीट

- रघुवर सरकार में जांच शुरु हुई, बंद भी हो गई - समाजसेवी मनोज गुप्ता ने उठाया था मामला - अर्द्धनिर्मित भवन अब बन गए अपराधियों का अड्डा Gaurav Prakash Hazaribagh : हजारीबाग में 200 से अधिक अर्द्धनिर्मित सरकारी भवन खंडहर बनते जा रहे हैं. सरकार का 1000 करोड़ रूपये से अधिक बर्बाद हो गया. कंक्रीट बन गया. इन भवनों में अब असामाजिक तत्वों का अड्डा है. अपराधियों की बैठकी का स्थान और शराबियों के लिए शराबखाना बना हुआ है. करीब 10 साल पहले 200 से अधिक भवनों का निर्माण शुरु हुआ था. भवन बनाने का काम हजारीबाग का विशेष प्रमंडल के जिम्मे था. भवन आधे-अधूरे बने. निर्माण कार्य बंद क्यों हुआ, यह किसी को नहीं पता. इंजीनियर-ठेकेदार भाग गये. सरकार और उसके अधिकारी भी चुप रह गए. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/chatrawas.jpg"

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शुरु हुई थी जांच

हजारीबाग के समाजसेवी मनोज गुप्ता ने पूरे मामले को लेकर सरकार से शिकायत की थी. 25 सितंबर 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के जनसंवाद कार्यक्रम में शिकायत दर्ज करायी. मुख्यमंत्री रघुवर दास का ध्यान उन 200 से अधिक अर्द्धनिर्मित भवन की ओर दिलाया. साथ ही दावा किया कि हजारीबाग में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है. तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच शुरु हुई. पर कुछ दिन बाद ही जांच बंद हो गई. इस मुद्दे पर अब ना ही कोई पूछने वाला है, ना कोई बताने वाला. तब के हजारीबाग उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचलधिकारियों से अर्धनिर्मित सरकारी भवनों का विवरण मांगा था. कुछ ने ब्यौरा दिया, कुछ ने नहीं. उस दौरान कुछ इंजीनियर और अभियंता पर प्राथमिकी भी दर्ज हुई. उसके आगे की कार्रवाई अपने आप रुक गया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/chatra1.jpg"

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खंडहर भवन

आज की स्थिति यह है कि आधे-अधूरे खंडहरनुमा सरकारी भवन को असामाजिक तत्व कब्जाने लगे हैं. कुछ भवनों में दफ्तर भी चलाया जा रहा है. तो कई ऐसे भवन हैं, जो अपराधियों का आश्रय स्थली बन गया है. जहां अपराधी रात में जमा होते हैं और फिर शहर के विभिन्न इलाकों में घटना को अंजाम देते हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/hazari7.jpg"

alt="1000 करोड़ के कंक्रीट" width="600" height="400" /> कुछ अर्द्धनिर्मित भवन - 03 करोड़ रुपये की लागत का 100 बेड का मातृ शिशु अस्पताल - शहर के मटवारी मैदान स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास. - पिछड़ी जाति बालिका छात्रावास. - वेल्स ग्राउंड के पीछे एसटीएससी छात्रावास. - हिंदू स्कूल के पीछे पिछड़ी जाति छात्रावास. - गांधी म्यूजियम खादी भंडार. - कंसार में एक करोड़ के लागत से बना अर्ध निर्मित भवन - दारू में अस्पताल अर्ध निर्मित - झुमरा में ब्लाक आवास - कटकमसांडी में 10 प्लस टू स्कूल - कटकमसांडी में छात्रावास - कटकमसांडी में स्टेडियम - कटकमसांडी में छात्रावास - झील परिसर के पास निर्मित भवन जो खंडहर दिखते हैं - 85 लाख की लागत से कुम्हार टोली में बन रहा है, अल्पसंख्यक छात्रावास, 82 लाख की हुई निकासी हो चुकी है. - 50 बेड वाला शिशु अस्पताल एसपी कोठी के निकट - 84 लाख की लागत से हिंदू स्कूल के पास बन रहा है छात्रावास - 70 लाख की लागत से मटवारी में बालिका छात्रावास का निर्माण - 26 करोड़ की लागत से मांडू में बन रहे शिशु अस्पताल

ठीक करे सरकारः मनोज गुप्ता

घोटाले को उजागर करने वाले मनोज गुप्ता ने कहा कि अधूरे भवन जो काम के लायक हैं. उन्हें दुरुस्त किया जाए. जो ठेकेदार और इंजीनियर इस गड़बड़ी के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. नुकसान की वसूली उनसे की जाये. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/gandhi-1.jpg"

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कब्जा मुक्त करायेंगेः डीसी

हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय ने इस मामले पर कहा कि सरकारी अर्द्धनिर्मित भवन पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है, ऐसी जानकारी मिली है. ऐसे मामलों में जिला प्रशासन कार्रवाई कर भवनों को मुक्त करायेंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/nancy.jpg"

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