सिविल कोर्ट में विशेष मध्यस्थता अभियान, पहले दिन 41 मामले निष्पादित
10 घंटे तक चला ऑपरेशन
करीब एक माह पहले मरीज का लॉन्ग सिगमेंट स्पाइनल सर्जरी और वर्टिब्रोप्लास्टि की गई. ऊपर से नीचे तक मरीज के 11 हड्डियों को जोड़ा गया. साथ ही जो हड्डी टूटकर छोटी हो गई थी, उसे वर्टिब्रेाप्लास्टि की मदद से सीमेंट डालकर तैयार किया गया. ऑपरेशन करीब 10 घंटे तक लगातार चला था. 5 महीने बाद रविवार को मरीज अपने पैर में चलकर अपने घर लौटा.alt="11 हड्डियां टूटी, प्राइवेट में 12 लाख खर्च, मगर रिम्स ने पैंरों पर खड़ा कर भेजा घर" width="600" height="400" /> डॉक्टरों का कहना है कि जिसकी बचने की उम्मीद उसके परिजनों ने छोड़ दी थी, उसे नया जीवनदान दिया गया. काफी खुशी हुई, जब मरीज अपने पैर पर चलकर घर गया. रिम्स में इससे पहले इतनी बड़ी स्पाइन सर्जरी नहीं हुई थी. ऑपरेशन टीम में डॉ अनील कुमार, डॉ. विराट और डॉ. विकास कुमार शामिल थे. इसे भी पढ़ें -महीनों">https://lagatar.in/seeing-vande-bharat-after-months-of-waiting-still-the-residents-of-barhi-are-disappointed/">महीनों
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