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11 हड्डियां टूटी, प्राइवेट में 12 लाख खर्च, मगर रिम्स ने पैरों पर खड़ा कर भेजा घर

Ranchi : कई बार बड़े हादसे से उबरने वाले लोग कहते हैं कि मौत छूकर निकल गयी. यमराज ने जान बख्श दिये. ऐसा ही मामला हजारीबाग में आया. जहां 25 साल का युवक मौत को छूकर निकल गया. दरअसल हजारीबाग में पांच महीने पहले सड़क हादसा हुआ था. जिसमें 25 साल का एक युवक बुरी तरह से घायल था. इस हादसे में युवक के दो दोस्तों की मौत ऑन स्पॉट ही हो गयी थी.युवक की हालत भी बहुत गंभीर थी. बेहतर इलाज के लिए परिजन रांची के एक प्राइवेट अस्पताल लेकर आए. जहां 16 दिन रखने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 12 लाख का बिल थमा दिया. लेकिन ऑपरेशन तक नहीं हुआ था. जब परिजनों के पास पैसे खत्म हो गए, तो वे मरीज को लेकर रिम्स के न्यूरोसर्जरी वार्ड पहुंचे. स्थिति देखने के बाद डॉक्टरों ने कहा था कि मरीज के बचने की संभावना 10 फीसदी भी नहीं थी. उसके रीढ़ की 11 हडि्डयां टूट चुकी थी. सिर की हड्‌डी टूटी थी. डॉ. अनिल कुमार के युनिट में भर्ती रहने के बाद उन्होंने मरीज का इलाज शुरू किया. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/special-mediation-campaign-in-ranchi-civil-court-41-cases-executed-on-first-day/">रांची

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10 घंटे तक चला ऑपरेशन

करीब एक माह पहले मरीज का लॉन्ग सिगमेंट स्पाइनल सर्जरी और वर्टिब्रोप्लास्टि की गई. ऊपर से नीचे तक मरीज के 11 हड्डियों को जोड़ा गया. साथ ही जो हड्‌डी टूटकर छोटी हो गई थी, उसे वर्टिब्रेाप्लास्टि की मदद से सीमेंट डालकर तैयार किया गया. ऑपरेशन करीब 10 घंटे तक लगातार चला था. 5 महीने बाद रविवार को मरीज अपने पैर में चलकर अपने घर लौटा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/BONE.jpg"

alt="11 हड्डियां टूटी, प्राइवेट में 12 लाख खर्च, मगर रिम्स ने पैंरों पर खड़ा कर भेजा घर" width="600" height="400" /> डॉक्टरों का कहना है कि जिसकी बचने की उम्मीद उसके परिजनों ने छोड़ दी थी, उसे नया जीवनदान दिया गया. काफी खुशी हुई, जब मरीज अपने पैर पर चलकर घर गया. रिम्स में इससे पहले इतनी बड़ी स्पाइन सर्जरी नहीं हुई थी. ऑपरेशन टीम में डॉ अनील कुमार, डॉ. विराट और डॉ. विकास कुमार शामिल थे. इसे भी पढ़ें -महीनों">https://lagatar.in/seeing-vande-bharat-after-months-of-waiting-still-the-residents-of-barhi-are-disappointed/">महीनों

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