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पलामू: उमवि रजडेरवा में एक शिक्षक के भरोसे 115 बच्चे

 
Kumar Raj Medininagar: सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय रजडेरवा में एक शिक्षक के भरोसे 115 बच्चों का भविष्य गढ़ा जा रहा है. एक शिक्षक 115 बच्चों को कैसे पढ़ाते होंगे और बच्चे कैसी शिक्षा ग्रहण कर रहे होंगे, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. गांव के कुंदन कुमार ने कहा कि नेताओं को सिर्फ वोट चाहिए. गरीबों के बच्चों से उन्हें क्या लेना-देना है. चुनाव के समय सिर्फ बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, पर हकीकत में वादे-वादे ही बनकर रह जाते हैं. किसी भी सरकार को गरीबों के बच्चों से प्यार नहीं है. कोई भी गरीबों का उत्थान नहीं चाहते हैं. जितेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार की मंशा गरीबों के बच्चों को शिक्षित करना नहीं है. अगर होती तो क्लास एक से 8 में आज एक शिक्षक के भरोसे 115 बच्चे नहीं रहते. अगर सरकार में जरा सी भी नीयत साफ हो, तो विद्यालय में शिक्षक की बहाली कर दे.

मैं अकेला इस विद्यालय में पढ़ा रहा हूंः हेडमास्टर

विद्यालय के एचएम विनोद चौधरी ने कहा कि क्लास एक से आठ तक में 115 बच्चों का नामांकन है. इसमें उपस्थिति करीब प्रतिदिन 80 बच्चों की है. पहले दो पारा शिक्षक हुआ करते थे. 2016 में एक पारा शिक्षक का चयन सरकारी शिक्षक के रूप में हुआ. उसे विभाग ने दूसरे विद्यालय में पदस्थापित कर दिया. 2016 से मैं अकेला इस विद्यालय में पढ़ा रहा हूं. और शिक्षक देने के लिए सतबरवा बीपीओ को लिखित आवेदन दिया पर आज तक उस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. मैं अकेला शिक्षक होने के कारण कहीं आ-जा नहीं सकता. बहुत परेशानी होती है, पर क्या करें. इसे भी पढ़ें - बांग्लादेशी">https://lagatar.in/hearing-on-pil-filed-in-hc-to-stop-bangladeshi-infiltration-on-september-5/">बांग्लादेशी

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