नदी शहर गठबंधन (आरसीए) का सदस्य औरंगाबाद शहरी नदी प्रबंधन योजना की करेगा शुरुआत, जबकि पुणे अपने पुनर्जीवन के प्रयासों को करेगा पेश Pune : शहरी नदियों के प्रबंधन की रणनीतियों पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र में अपनी तरह की पहली बार होनेवाले दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, धारा 2023 का आयोजन किया जा रहा है. इसमें बिहार की 14 शहरी नदियों के विकास एवं सर्वोत्तम तरीकों तथा शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं की जरूरत के बारे में बताया और दिखाया जाएगा. इन 14 शहर नदी गठबंधन यानि रिवर सिटीज़ अलायन्स (आरसीए) में बिहार के पटना, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर, आरा, बेतिया, छपरा, दरभंगा, जमालपुर, मुज़फ़्फ़रपुर, गया, कटिहार, पूर्णिया और बिहार शरीफ शहर शामिल है. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार (एमओएचयूए) के अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) की ओर से आरसीए के सदस्यों की वार्षिक बैठक 13-14 फरवरी 2023 को हयात होटल, कल्यानी नगर, पुणे में आयोजित की गयी है. इस आयोजन को `धारा (डीएचआरए) 2023` (ड्राइविंग होलिस्टिक एक्शन फॉर अर्बन रिवर्स यानि शहरी नदियों के लिए सर्वांगीण योजना) नाम दिया गया है. गठबंधन के सदस्यों को धारा 2023 शहरी नदी प्रबंधन पर समाधानों की जानकारी देगा, जिसे वे अपने-अपने शहरों में लागू कर सकते हैं. इस कार्यक्रम में देशभर में शहरी नदियों के प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई गई नदी से जुड़ी नई रणनीतियां और तकनीकों के मामले पेश किये जाएंगे, जिसमें भू-जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, झील और तालाब पुनर्जीवन तथा स्थानीय स्तर पर उपयोग किये हुए जल का प्रबंधन शामिल है. इस सत्र में अलग-अलग राज्यों के प्रधान सचिव और साथ ही डेनमार्क, अमेरिका, जापान, इजराइल, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के शहरी नदी प्रबंधन में विशेषज्ञ सर्वोत्तम समाधानों को सबके सामने रखेंगे. सदस्य शहरों के महानगरपालिका आयुक्तों के लिए शहरी नदी प्रबंधन पर समाधानों पर चर्चा करने और सीखने के लिए अवसर प्रदान करने के साथ धारा 2023 का भारत की जी20 प्रेसिडेंसी (अध्यक्षता) के उपक्रम अर्बन20 (यू20) के साथ गहरा तालमेल है. यू20 के प्रमुख विषयों में से एक शहरी जल सुरक्षा को चर्चा में लाना है. शहरों में पानी की संपूर्ण सुरक्षा को बेहतर करने में स्वस्थ नदियों का अहम किरदार है. धारा 2023 के प्रारंभिक सत्र की अध्यक्षता जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे. वहीं आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री कौशल किशोर भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. महाराष्ट्र के दो शहर पुणे और औरंगाबाद आरसीए के सदस्य हैं. पुणे महानगरपालिका मुला और मुठा नदी के पुनर्जीवन पर काम कर रही है, जबकि औरंगाबाद खाम नदी के पुनर्जीवन के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजना (यूआरएमपी) तैयार कर रहा है. साल 2019 से एनएमसीजी और एनआईयूए हमारे शहरों में नदी-संवेदी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त उपक्रम पर काम कर रहा है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा दिसंबर 2019 को राष्ट्रीय गंगा आयोग की सर्वप्रथम बैठक में नदियों के शहरों में नए विचारों के लिए किये गए आह्वान के बाद हुई. एनआईयूए-एनएमसीजी सहकार्य के प्रमुख उपलब्धियों में से एक देशभर में 95 नदियों के "नदी शहर गठबंधन (आरसीए)" की स्थापना है. आरसीए का उद्देश्य आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों, और सदस्य शहरों के वरिष्ठ अधिकारियों को शहरी नदियों के सफल प्रबंधन से जुड़े सही तरीकों की चर्चा और सीखने के लिए एक मंच प्रदान करना है. इसे भी पढ़ें : Ind">https://lagatar.in/ind-vs-aus-india-won-the-first-nagpur-test-match-kangaroos-kneeled-before-ashwin-jadeja/">Ind
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महाराष्ट्र में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार के 14 शहरी नदियों के विकास पर होगी चर्चा, विशेषज्ञ देंगे राय

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