- 2022-2023 में राज्य सरकार ने पेंशन में खर्च किए 2400 करोड़ रुपए
सबसे अधिक वृद्धि वृद्धावस्था पेंशनधारियों की
विभाग के मुताबिक, राज्य गठन (2000) के बाद से 19 वर्षों तक करीब 6.6 लाख लाभार्थियों को पांच श्रेणियों में पेंशन लेने वालों में रजिस्टर्ड किया गया था. पिछले 27 मार्च तक यह आंकड़ा बढ़कर 21.45 लाख पहुंच गया है. इसमें सबसे अधिक वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी हुई है. लाभार्थियों की संख्या 3.45 लाख से बढ़ कर 14.25 लाख पहुंच गया है. विकलांगता पेंशनधारियों की संख्या 87.7 हजार से बढ़कर 2.2 लाख हो गई है.पांच श्रेणियों में सरकार दे रही है पेंशन
राज्य सरकार पांच श्रेणियों के लोगों को पेंशन दे रही है. इसमें बुजुर्ग (वृद्धावस्था), विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय, विधवाएं, अलग रह रही/ निराश्रित (जिसका कोई सहारा न हो)/ परित्यक्त (जिसे छोड़ दिया गया हो) और विकलांग शामिल हैं. चालू वित्त वर्ष 2022- 2023 में पेंशन पर सरकार ने करीब 2400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.सरकार ने की है यूनिवर्सल पेंशन स्कीम की शुरूआत
पेंशन का दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (सर्वजन पेंशन योजना) की शुरूआत की है. योजना का लाभ राज्य में रहने वाले 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को दिया जा रहा है. योजना की सबसे बड़ी विशेषता है कि लाभ लेने के लिए अब एपीएल और बीपीएल कार्ड की आवश्यकता नहीं है. 18 वर्ष से अधिक उम्र के बेसहारा लोगों और विधवा महिलाओं को भी इसका लाभ मिल रहा है. केवल दो वर्ग के व्यक्ति (आयकर दाता और सेवानिवृत्त पेंशनभोगी) योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं. इसे भी पढ़ें – बिहार">https://lagatar.in/jharkhand-government-will-start-eight-hydel-power-projects-of-bihar-time/">बिहारसमय के आठ हाईडल पावर प्रोजेक्ट शुरू करेगी झारखंड सरकार [wpse_comments_template]

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