- देशभर की 29 टीमें लेंगी हिस्सा
- 432 खिलाड़ी 37 स्पर्धाओं में दिखाएंगे दमखम
Ranchi : राजधानी रांची के खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026 का आगाज हुआ. मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई.
इस दौरान प्रतियोगिता से संबंधित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई. प्रतियोगिता के उद्घाटन के बाद प्रतिभागी टीमों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. (रांची से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

प्रतिभागी टीमों का शपथ ग्रहण
पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मेरुदंड : राज्यपाल
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का झारखंड की धरती पर स्वागत किया. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए झारखंड पुलिस को बधाई दी.
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मेरुदंड है. अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध एपीके फाइल नहीं खोलने की सलाह दी.
संतोष गंगवार ने कहा कि खेल पुलिसकर्मियों में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं. तीरंदाजी लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और निरंतर अभ्यास का प्रतीक है. झारखंड को तीरंदाजी की भूमि बताते हुए उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की.
तीरंदाजी एकाग्रता और अनुशासन की सीख देती है : डीजीपी
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी अतिथियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से आए खिलाड़ियों का स्वागत किया. उन्होंने आयोजन समिति को भी बधाई दी.
डीजीपी ने कहा कि तीरंदाजी पुलिस बल की परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है. यह खेल एकाग्रता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख देता है, जिनका पुलिस सेवा में भी विशेष महत्व है. ऐसी प्रतियोगिताएं खेल भावना को प्रोत्साहित करने के साथ टीम भावना और आपसी सौहार्द को मजबूत बनाती हैं.
तदाशा मिश्रा ने कहा कि अगले पांच दिनों तक देशभर से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे. जीत और हार से बढ़कर खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की.
29 टीमों के 432 खिलाड़ी दिखाएंगे प्रतिभा : एडीजी प्रिया द्विवेदी
झारखंड सशस्त्र पुलिस की एडीजी प्रिया द्विवेदी ने स्वागत संबोधन में कहा कि राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा के साथ-साथ खिलाड़ियों का उत्साह और मनोबल भी बढ़ा है. उन्होंने गृह सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का स्वागत किया.
प्रिया द्विवेदी ने बताया कि झारखंड इससे पहले वर्ष 2013 और 2016 में अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी कर चुका है. इस वर्ष 22 से 26 अक्टूबर तक होने वाले प्रतियोगिता में देशभर से 29 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इस दौरान 432 खिलाड़ी रिकर्व, कंपाउंड, इंडियन राउंड डिवीजन के 37 स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे.
कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया द्विवेदी, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी पंकज कंबोज, आईजी अजय लिंडा, आईजी मयूर पटेल, आईजी नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी प्रभात कुमार, आईजी क्रांति कुमार गढ़देशी, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी माइकल राज एस., आईजी शैलेंद्र सिन्हा और आईजी विक्रांत मिंज शामिल हुए.
इसके अलावा डीआईजी संजीव कुमार, डीआईजी कार्तिक एस., डीआईजी नौशाद आलम, डीआईजी चंदन सिन्हा, डीआईजी इंद्रजीत महथा, डीआईजी शैलेंद्र बरनवाल, रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन कार्यक्रम में मौजूद रहे.
आईपीएस दीपक पांडेय, पूज्य प्रकाश, मनोज टोप्पो, राजकुमार मेहता, अविनाश कुमार, राजेश यादव, सुमित कुमार अग्रवाल, सौरभ कुमार, हरविंदर सिंह, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, आईपीएस सरोजनी लकड़ा और आईपीएस सहदेव साह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए.