बारी और मनमोहन को-ऑपरेटिव कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर करते थे ठगी
Bokaro : बोकारो के बारी को-ऑपरेटिव और मनमोहन को-ऑपरेटिव में छापेमारी कर पुलिस ने साइबर ठगी में लिप्त 16 युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक किराये पर आवास लेकर साइबर फ्रॉड करते थे. पकड़े गए सभी लोग बिहार के नालंदा, नवादा, जमुई, शेखपुरा और अन्य जिलों के हैं. इनकी उम्र 18-30 वर्ष है. इनके पास साइबर अपराध से जुड़े दस्तावेज के आलावा 100 और 200 रुपये के नकली नोट भी बरामद हुए हैं. यह जानकारी सिटी डीएसपी कुलदीप कुमार ने सोमवार को प्रेसवार्ता में दी. डीएसपी ने बताया कि एसपी प्रियदर्शी आलोक को लगातार कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि बारी को-ऑपरेटिव के आसपास किराये के मकान में रहकर कुछ बाहरी लोग साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हें. इसके बाद सेक्टर 12 थाना प्रभारी ने वहां जाकर जांच की. बारी को-ऑपरेटिव के प्लॉट नं० 119 व मनमोहन को-ऑपरेटिव के प्लॉट नं 647 में कुछ संदिग्ध युवकों को देखा. रविवार को टीम गठित कर दोनों प्लॉट के चिह्नित मकानों में छापेमारी कर 16 युवकों को गिरफ्तार किया गया. बारी को-ऑपरेटिव से 5 व मनमोहन को-ऑपरेटिव कॉलोनी से 11 युवक पकड़े गए. इनलोगों के पास से 45 मोबाइल, 13 सिम कार्ड, कूपन कार्ड 1300 पीस, विनर लेटर 3000 पीस, रबर स्टांप, आदि बरामद किए गए हैं. पकड़े गए युवकों ने खुद को कूरियर कंपनी का स्टाफ बताकर बारी को-ऑपरेटिव में किराये पर मकान लिया था.पीम मुद्रा लोने दिलाने के नाम पर करते थे ठगी
डीएसपी ने कहा कि पूछताछ में युवकों ने बताया है कि वे लोग प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर फेसबुक व इस्टाग्राम पर अपना ऐड एवं पोस्ट करते थे. जो लोग उनके झांसे में आ जाते थे उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम की ठगी करते थे. साथ ही साथ ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर भी ठगी की घटना को अंजाम देते थे. गिरोह के सरगना का नाम सुमित है, जो पटना में रहता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-a-fierce-fight-between-a-shopkeeper-and-a-customer-in-hirapur-police-caught-both-of-them/">धनबाद: हीरापुर में दुकानदार और ग्राहक में जमकर मारपीट, पुलिस दोनों को पकड़ ले गई [wpse_comments_template]
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