90 दिनों में करना है दाखिल-खारिज मामले का निबटारा
राज्य के कुछ अंचलों में ऑनलाइन म्यूटेशन सिस्टम 2014-15 से शुरू किया गया. इसके साथ ही इसे पूरे राज्य में लागू किया गया. प्रयोग के तौर पर झारखंड में सबसे पहले रांची जिले के इटकी अंचल से ऑनलाइन म्यूटेशन की शुरुआत 2013 में की गयी. दाखिल-खारिज के निबटारे का प्रावधान 90 दिनों में करने का है. अगर अंचलाधिकारी दाखिल-खारिज नहीं करते हैं, तो वे अपने से ऊपर के पदाधिकारियों को भेजेंगे. लेकिन विभाग के स्तर पर दाखिल-खारिज के लंबित मामलों के निष्पादन के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : Breaking">https://lagatar.in/breaking-explosives-in-topchanchi-vegetable-market-many-people-injured-chaos/">Breaking: तोपचांची सब्जी मार्केट में विस्फोटक, कई लोग जख्मी, अफरातफरी
क्या है प्रावधान
सबसे पहले म्यूटेशन से संबंधित आवेदन अंचल ऑफिस में जमा करना होता है. अंचल की ओर से डाटा एंट्री के बाद टोकन जारी किया जाता है. फिर आवेदन संबंधित हल्का कर्मचारी के पास भेजा जाता है. हल्का ऑफिस में जमीन से संबंधित सारे दस्तावेज की जांच होती है. हल्का कर्मचारी की रिपोर्ट सीआई के पास भेजी जाती है. सीआई से होते हुए पेपर सीओ के पास आता है. सीओ के हस्ताक्षर के बाद करेक्शन स्लिप जारी किया जाता है. इसे भी पढ़ें : फर्जी">https://lagatar.in/cid-asked-for-information-about-the-case-registered-related-to-fake-sim/">फर्जीसिम से संबंधित दर्ज मामले की सीआईडी ने मांगी जानकारी [wpse_comments_template]

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