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राज अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत, पोस्टमार्टम के लिए रिम्स ले गए परिजन

Ranchi : राजधानी के राज अस्पताल में भर्ती 18 वर्षीय राजू कुमार की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है. परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स लेकर पहुंचे हैं. पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए लातेहार ले जाया जाएगा.
 
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  • इलाज में लापरवाही का आरोप

Ranchi : राजधानी के राज अस्पताल में भर्ती 18 वर्षीय राजू कुमार की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है. परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स लेकर पहुंचे हैं. पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए लातेहार ले जाया जाएगा.

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जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी 18 वर्षीय युवक करीब डेढ़ महीने पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था. इसके बाद उसे इलाज के लिए राज अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पहले अस्पताल की ओर से मरीज को घर ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन बेहतर देखभाल नहीं हो पाने की वजह से उन्होंने उसे अस्पताल में ही रखा.

 

परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान युवक के पैर में गंभीर संक्रमण हो गया. उनका आरोप है कि संक्रमण लगातार बढ़ता गया, लेकिन समय पर सही इलाज नहीं किया गया. बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि मरीज का शरीर संक्रमण और वायरस से लड़ने की स्थिति में नहीं है. गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

 

मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने युवक की तीन बार सर्जरी की, लेकिन सभी सर्जरी गलत तरीके से की गईं. उनका कहना है कि जब अस्पताल में मरीज का इलाज संभव नहीं था, तो उसे दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर क्यों नहीं किया गया.

 

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लड सैंपल लेते समय अस्पताल की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई. उनके अनुसार, सैंपल की शीशी पर मरीज का स्टीकर नहीं लगाया गया, जिससे सैंपल आपस में मिल गए और दोबारा ब्लड सैंपल लेना पड़ा.

 

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर करीब 16 लाख रुपये का बिल बनाया. उनका कहना है कि मरीजों को लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रखकर पैसे वसूले जाते हैं.

 

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