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19 साल के आतंकी बाबर ने कबूला सच, पाकिस्तानी सेना ने दी ट्रेनिंग, ISI ने उरी जैसी घटना दोहराने भेजा

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 Srinagar :  भारतीय सेना ने  19 साल के लश्कर ए तैयबा के जिस आतंकी को जिंदा पकड़ा है,  उसने अपने कबूलनामे में पाकिस्तान की पोल खोल कर रख दी है.  जान लें कि आतंकी का नाम अली बाबर है. वह लश्कर ए तैयबा का है.  खबर है कि उसने कैमरे के सामने कबूल किया है कि वह एक पाकिस्तानी आतंकी है.  उसने यह भी कबूला कि वह किस तरह आतंकी बना और कैसे भारत का तबाह करना चाहता था. आतंकवादी अली बाबर ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसके छह आतंकवादियों का समूह मुख्य रूप से पाकिस्तानी पंजाब का था. इसे भी पढ़ें  : न्यूयॉर्क">https://lagatar.in/the-new-york-times-called-the-news-that-modi-was-the-worlds-last-hope-fake/">न्यूयॉर्क

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गरीबी के कारण उसे गुमराह किया गया

उसने कहा कि गरीबी के कारण उसे गुमराह किया गया. उसे लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने के लिए लालच दिया गया. पाकिस्तान के पंजाब के दिपलपुर में गांव वासेववाला के रहनेवाला अली बाबर सातवीं तक पढ़ा है. बताया कि आतंकियों की घुसपैठ का मकसद 2016 के उरी जैसे बड़े हमले को अंजाम देना था. कहा कि उसे मां के इलाज के लिए 20 हजार रुपये आतंकियों ने दिये. साथ ही 30 हजार रुपये देने का वादा भी किया गया. अली बाबर ने बताया कि उसे जिन लोगों ने हथियार चलाने का प्रशिक्षण प्दिया, उनमें अधिकतर पाकिस्तानी सेना के जवान थे. इसे भी पढ़ें  : ग्रेटा">https://lagatar.in/greta-thunberg-slams-world-leaders-on-climate-change/">ग्रेटा

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इस्लाम और मुसलमान के नाम पर उकसाया

आतंकी ने बताया कि उसे इस्लाम और मुसलमान के नाम पर उकसाया गया, साथ ही आतंकवादी बनने पर विवश किया गया,  उसने बताया कि उसे मुजफ्फराबाद में प्रशिक्षित किया गया था.  उससे कहा जाता था कि इस्लाम खतरे में है, मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है.  बाबर ने बताया कि उसे आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा ने तीन महीने की ट्रेनिंग दी. इस दौरान उसे तरह-तरह के हथियार चलाना सिखाया गया उसके दिल से मरने का डर दूर किया गया. तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद उसे एक ट्रेंड आतंकी बना दिया गया.  उसे भारत में एक बड़ी साजिश के तहत भेजा गया था. इसे भी पढ़ें  : चुनावी">https://lagatar.in/kapil-sibal-asked-pm-modi-and-mohan-bhagwat-what-do-you-think-about-ramraj/">चुनावी

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2016 की उरी जैसी कोई घटना को अंजाम देना है

उसने बताया कि उसे कहा गया था कि 2016 की उरी जैसी कोई घटना को अंजाम देना है. मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने इस मामले में जानकारी दी कि 26 सितंबर को एक आतंकी मारा गया था. उन्होंने बताया कि उरी में एलओसी पर नौ दिनों तक आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान आतंकियों से मुठभेड़ हुई. दो आतंकी भारतीय सीमा में थे जबकि चार आतंकी सीमा पार थे.  जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की तरफ वाले चार आतंकी वापस लौट गये. मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स के अनुसार बचे दो आतंकी  एक नाले में छिप गये थे. एक आतंकी को 26 को मार गिराया गया. दूसरा आतंकी सरेंडर के लिए गिड़गिड़ाने लगा. मेजर वत्स ने कहा कि गिरफ्तार आतंकी पाकिस्तान में तीन महीने की ट्रेनिंग ले चुका है. [wpse_comments_template]

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