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1978 संभल दंगा : 47 साल पुरानी फाइल फिर से खुली, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश

  • नए सिरे से खुलेंगी पुरानी परतें
  • श्रीचंद्र शर्मा ने पत्र लिखकर की थी जांच की मांग
UttarPradesh : सभंल में 29 मार्च 1978 में हुए दंगों की फाइल 47 साल बाद एक बार फिर से खुल गयी है. ताकि नये सिरे से मामले की जांच हो और दंगों की सच्चाई और उन पीड़ितों की संख्या सामने आ सके, जो अब तक छिपी हुई थी. बताते चलें कि यूपी विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद्र शर्मा ने पत्र लिखकर संभल में 1978 में हुए दंगों की फिर से जांच की मांग की थी. इसके बाद गृह विभाग के उप सचिव और मानव अधिकार आयोग के एसपी केके बिश्नोई ने संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को पत्र भेजकर और जांच के लिए एक अधिकारी को नियुक्त करने के लिए कहा है. एसपी के आदेश के अनुसार संभल के एएसपी उत्तरी को जांच अधिकारी बनाया गया है. जिसके नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से मामले की जांच करेगा और एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट जमा करेगा.

कार्तिकेय महादेव मंदिर मिलने के बाद पीड़ितों ने सुनायी 1978 के दंगों की दास्तान

बता दें कि संभल में दिसंबर में 1978 से बंद पड़ा कार्तिकेय महादेव का एक मंदिर मिला था. करीब 46 साल बाद इस मंदिर का ताला खोला गया इसके बाद 15 दिसंबर को इस मंदिर में विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-आरती की गयी. इसके बाद 1978 के दंगों के पीड़ितों ने अपनी दर्दनाक दास्तान साझा की. उनका दावा है कि आधिकारिक रूप से सांप्रदायिक दंगों में मरने वालों की संख्या 24 बतायी गयी थी. लेकिन यह इससे कहीं ज्यादा है. दंगों के कारण कई हिंदू परिवार पलायन कर गये थे. कई दिनों तक चले इस दंगे के कारण संभल में कर्फ्यू भी लगाया गया था. गौरतलब है कि पिछले दिनों विधानसभा में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1978 के दंगे का जिक्र किया था. सीएम योगी ने कहा था कि 1978 के दंगों में 184 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग बेघर हुए थे.  

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