Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा कि 2 हजार रुपए की नोटबंदी की घोषणा के बाद 8 नवंबर 2016 के भूत का खौफ दुबारा लौट कर आया है, वह भी कर्नाटक चुनाव के ठीक बाद. 2 हजार रुपए की नोटबंदी सीधे तौर पर कर्नाटक चुनाव का असर है. 8 नवंबर 2016 को 500 और एक हजार के नोट को प्रतिबंधित कर दिया गया था, उसका हश्र देश ने देखा. किस प्रकार जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 प्रतिशत से घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई थी. 35 लाख नौकरियां तुरंत खत्म हो गयी थी. कारखाने व लघु - मध्यम उद्योग बंद हो गये. जानें गईं थीं सो अलग. टेरर फंडिंग रोकने का दावा किया गया था जो कि धड़ल्ले से जारी है. नकली नोट बंद तो नहीं हुए बल्कि 300 करोड़ नकली नोट पकड़े गए हैं. नोटबंदी में चौथा फायदा बताया गया कि कैश का चलन खम होगा. अर्थव्यवस्था में नवंबर 2016 में 17 करोड़ 74 लाख करोड़ कैश था, जबकि आज के दिन 37 लाख करोड़ रुपए कैश में हैं, जो कि डबल से भी अधिक है.
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दो हजार का नोट प्रचलन में लाना ही गलत था
आलोक दुबे ने कहा दो हजार का नोट प्रचलन में लाना ही गलत और अविवेकपूर्ण फैसला था, जिस फैसले को आज वापस लिया गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे का बयान बिल्कुल सही है कि 2000 का नोट जिस काम के लिए भाजपा ने लाया था, वह काम हो गया. काला धन भाजपा के पास है ना कि कांग्रेस के पास. कर्नाटक के चुनाव में जनता ने उनके पैसे पकड़े और उन्हें सबक भी सिखाया. इसे भी पढ़ें – सिद्धरमैया">https://lagatar.in/jharkhand-congress-leaders-attend-siddaramaiahs-swearing-in-ceremony/">सिद्धरमैयाके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए झारखंड कांग्रेस के नेता [wpse_comments_template]
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